जम्मू-कश्मीर के कठुआ से 15 किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्ते से चलकर पल्ली पाली मंडी क्षेत्र से चार आतंकवादी हिमाचल की ओर बढ़ रहे हैं।
हथियारों से लैस ये आतंकी सेना की वर्दी में हैं और इनकी पीठ पर पिट्ठू बैग हैं। आईजी सीआरपीएफ ने हिमाचल पुलिस को इस बारे में अलर्ट कर दिया है। आईजी के अनुसार चारों आतंकी वीरवार सुबह पांच बजे रावी नदी को पार कर हिमाचल की सीमा की ओर बढ़े हैं।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि चारों दहशतगर्द रावी नदी को पार करने के बाद जम्मू के जंगल की ओर नहीं गए, बल्कि रावी नदी के किनारे से हिमाचल की तरफ बढ़े हैं।
प्रदेश पुलिस ने जारी किया अलर्ट, बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से एसपी कांगड़ा, एसपी चंबा, एसपी ऊना, एसपी इंटेलिजेंस और डीएसपी स्टेट सीआईडी धर्मशाला को पत्र प्रेषित करके सतर्क रहने को कहा गया है।
इन जिले के सभी पुलिस थानों को अलर्ट किया गया है। किसी भी संदिग्ध को देखते ही हिरासत में लेने के आदेश जारी किए गए हैं। वीरवार रात से ही जिले भर में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
दो साल पहले भी पकड़े जा चुके हैं आतंकी
धर्मशाला में दो वर्ष पहले भी हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें खूंखार जमील अहमद वानी और उसका एक अन्य साथी मोहम्मद मुश्ताक शामिल था।
ये दोनों आतंकी धर्मशाला के दाड़ी इलाके में रह रहे थे। इन दोनों ने योल कैंट क्षेत्र से सटे इलाके और खनियारा इलाके में भी मजदूरी की। खुफिया एजेंसियों की निशानदेही पर कांगड़ा पुलिस ने इन दोनों गिरफ्तार करके जम्मू कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया था।
अब चार और आतंकवादियों के हिमाचल प्रदेश की सीमा की ओर बढ़ने की सूचना से प्रदेश पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। ये आतंकी रावी नदी के किनारे से होते हुए हिमाचल पहुंच सकते हैं।
दलाईलामा समेत शक्तिपीठों पर हो सकती है नजर
कांगड़ा जिले में तीन ऐतिहासिक शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर, चामुंडा माता और ज्वालाजी मां का मंदिर है। यहां हर रोज हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। यहां हर समय भीड़ रहती है। वहीं, बैजनाथ में भी ऐतिहासिक शिव मंदिर है।
इसके अलावा मैकलोडगंज, धर्मशाला विश्वविख्यात पर्यटन स्थल हैं। मैकलोडगंज में धर्मगुरु दलाईलामा मंदिर भी है। यहां रोजाना सैकड़ों देशी और विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में आतंकवादियों के निशाने पर ये विश्व विख्यात स्थल हो सकते हैं।