इसके अलावा संबंधित स्कूल के स्टाफ तथा विद्यार्थियों ने लिखित बयान में कहा कि आरोपी शिक्षक कुछ समय से छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न तथा अन्य विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार की गतिविधियों में लिप्त पाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक यह शिक्षक सितंबर 2017 के दौरान भी विद्यालय की छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार तथा यौन उत्पीड़न में लिप्त पाया गया। इससे पूर्व भी बलदेव राज हरनोट को शिमला जिला के एक अन्य स्कूल में नियुक्ति के दौरान विद्यालय परिसर में एक छात्र को शारीरिक दंड देने के मामले में लिप्त पाया गया था।
इस मामले की जांच की गई तथा शिक्षक ने लिखित में क्षमा याचना मांगी थी। उधर, पुलिस ने घटना के दिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354 तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 9 एफ के तहत एफआईआर दर्ज की है।