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छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले सरकारी शिक्षक की जमकर पिटाई

Fri, 27 Apr 2018 10:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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राजधानी शिमला शहर के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोप पर लोगों ने शिक्षक की पिटाई कर दी। अभिभावकों की शिकायत थी कि शिक्षक नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ करता है। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे स्कूल पहुंचे दर्जनों लोगों ने शिक्षक को पकड़ कर पिटाई कर दी। शिक्षक के खिलाफ पहले ही छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोपों की जांच चल रही है।

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बताया जा रहा है कि इससे पहले शिक्षक एक बार इस तरह की हरकतों में फंस चुका है। हालांकि, शिक्षक ने तब माफीनामा लिखा था। वीरवार को अभिभावक स्कूल पहुंचे और शिक्षक की पीटना शुरू कर दिया। दूसरे शिक्षकों ने भीड़ शांत करने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए लोग शिक्षक को पीटते रहे। इसी बीच उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राकेश वशिष्ठ भी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने अभिभावकों, आरोपी शिक्षक और स्कूल मिडल स्कूल प्रभारी के बयान दर्ज किए। स्कूल में पिटाई और हंगामा किए जाने की सूचना मिलते ही शिक्षा निदेशालय से दो महिला अधिकारियों की जांच टीम भी स्कूल पहुंची। उन्होंने भी सभी पक्षों के बयान दर्ज किए। 4:55 मिनट पर पुलिस भी स्कूल पहुंची।
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इसी बीच सीटू के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर के बाहर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया । सीटू नेता जगत राम और बलबीर पराशर ने कहा कि ऐसे शिक्षक को किसी सूरत में स्कूल में रखने का मतलब नहीं है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

क्या है मामला

स्कूल की प्रभारी का कहना है कि बीते वर्ष सितंबर माह में सातवीं कक्षा की एक छात्रा के अभिभावकों ने शिक्षक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने की शिकायत दी। उन्होंने इसकी सूचना कलस्टर हेड को दी। हेड मास्टर ने आरोपी शिक्षक, छात्रा, और अभिभावकों के साथ शिक्षकों से पूछताछ कर जांच की। इस पर शिक्षक ने माफी मांगी।

हेडमास्टर ने उसे भविष्य में ऐसी हरकत करने की शिकायत आने पर कार्रवाई करने को लेकर चेतावनी लेटर भी जारी किया। फिर बीस अप्रैल को फिर से उसी छात्रा के अभिभावकों ने दोबारा से उक्त शिक्षक के खिलाफ उनकी दूसरी बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करने की शिकायत दी।

इस पर स्कूल प्रभारी ने हेडमास्टर और उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को इसकी सूचना दी। इस पर उप निदेशक वीरवार को जांच के लिए स्कूल पहुंचे थे। 

नहीं की छात्राओं से कोई अश्लील हरकत- आरोपी शिक्षक बलदेव हरनोट का कहना है कि उन्हें स्कूल में आई भीड़ ने बेवजह पीट दिया। कोई अश्लील हरकत या छेड़खानी नहीं की थी। सिर्फ इन छात्राओं के पाठ याद न करने और कॉपी आदि न लाने पर डांटा था।
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अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक सितंबर माह में छात्राओं ने शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी। एक छात्रा के पिता ने बताया कि अन्य छात्राओं के साथ भी ऐसा करने की शिकायत की है।

उनका कहना है कि सितंबर माह में की गई शिकायत के बाद स्कूल प्रशासन ने उसे क्लास में न जाने देने की बात भी मानी थी। बावजूद उसने हरकतें जारी रखीं। वे शिक्षक के खिलाफ थाना जा रहे हैं। 

शिक्षक ने लिखा था माफीनामा- कलस्टर की मुखिया ने कहा कि बीस अप्रैल को उन्हें आरोपी शिक्षक की शिकायत आई। 23 अप्रैल को उन्होंने स्कूल में जाकर अभिभावकों, छठी कक्षा की छात्राओं और शिक्षकों के बयान दर्ज कर जांच पूरी की।

इसकी रिपोर्ट उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को भेजी गई। आरोपी शिक्षक के  खिलाफ सितंबर माह में शिकायत आने के बाद शिक्षक ने गलती मान माफीनामा लिखा। छह से सात माह तक उसकी कोई ऐसी शिकायत नहीं आई। दोबारा शिकायत आने के बाद जांच कर रिपोर्ट उप-निदेशक को 23 अप्रैल को ही भेजी है।
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