मेरी मौत की जिम्मेदार पत्नी और सास, ससुर हैं। इनसे तंग आकर मैं मर रहा हूं। तुझे कसम है कि मेरे मरने के बाद मेरे सुसराल पक्ष के लोग धर्म लकड़ी न डाल पाएं। मेरे परिवार का ख्याल रखना। कार हादसे के ठीक पहले यह बात शिमला के ब्योलिया के जितेंद्र शर्मा ने अपने चचेरे भाई अनिल को फोन पर कही थी। जितेंद्र ने अनिल से कहा कि वह जो बोल रहा है उसकी मोबाइल पर रिकार्डिगिं करें।
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हालांकि दूसरी ओर से अनिल उसे समझाने की कोशिश करते हुए बार-बार यही पूछ रहा था कि आप अभी कहां हो? सब ठीक हो जाएगा कोई गलत कदम मत उठाना। इसके कुछ समय बाद ही परिजनों को सूचना मिली कि उनके घर के इकलौते चिराग की गाड़ी दोची के पास गिर गई है। हादसे में जितेंद्र की मौत हो गई। इस पूरे प्रकरण की जांच अब पुलिस कर रही है।
एक साल पहले हुई थी शादी
जितेंद्र की शादी एक साल पहले हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी घर से अलग रहने की जिद्द करने लगी। इसी बीच वह मायके चली गई। दोनों में समझौता हुआ, लेकिन बात न बनी। महिला थाना न्यू शिमला में भी जितेंद्र ने गुहार लगाई। वहां भी जितेंद्र को ही गलत ठहराया गया।
उसे पीटा गया। उसके परिजनों को आए दिन धमकाया जाता कि उन पर घरेलू हिंसा का केस बना कर हवालात में डलवा देंगे। जितेंद्र की मां यशोदा शर्मा की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखा है।
मुकदमा दर्ज करने को दी अर्जी
जितेंद्र के चचेरे भाई अनिल शर्मा और अन्य की ओर से थाना छोटा शिमला में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अर्जी दी है। शिकायत में कहा है कि उसकी पत्नी और सुसराल वाले जितेंद्र को तंग कर रहे थे। शनिवार को जितेंद्र शोघी में शादी में था। शाम करीब पांच बजे जितेंद्र की पत्नी वहां अपनी गाड़ी में आई।
वहां उसके साथ मारपीट की और अपनी गाड़ी में लेकर वह उसे वहां से चल पड़ी। इस बात के गवाह वहां मौजूद लोग हैं। इनके नाम भी शिकायत पत्र में दे रखे हैं। इसके बाद जितेंद्र अपनी पत्नी को सरगीण में छोड़ आया था। बाद में उसी की गाड़ी में लौट कर बड़ा गांव की ओर आया। हादसे से पहले जितेंद्र ने अनिल शर्मा को कॉल कर अपना अंतिम बयान रिकार्ड करवाया।
सर मेरे पति ने गाड़ी फेंक दी
दूसरी तरफ शनिवार शाम को ही जितेंद्र की पत्नी ने थाना बालूगंज में शिकायत दर्ज करवाई कि उसके पति ने उससे मारपीट की और उसके बाद गाड़ी भी फेंक दी है। महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने रपट दर्ज की। जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो उन्हें मालूम चला कि जितेंद्र की हादसे में मौत हो चुकी है।
महिला निजी अस्पताल में दाखिल
पुलिस महिला का बयान लेने उसके घर पहुंची, लेकिन वहां पता चला कि उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया है। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस को अब उसके ठीक होने का इंतजार है। डीएसपी सिटी बलबीर सिंह ने कहा कि मामले की हर पहलू पर जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।