शिमला के युवक अंकुश हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। रातोंरात तांत्रिकों के सहारे अमीर बनने का सपना ही मौत का कारण बन गया। पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। तांत्रिकों का नेटवर्क पूरे प्रदेश में फैला है। तांत्रिकों की ख्याति फैलाने के लिए खास गुर्गे रखे गए हैं।
ये गुर्ग ही शिकार को फंसाते हैं और लोगों की खून पसीने की कमाई पर हाथ साफ कर उन्हें कंगला बना देते हैं। कत्ल हुआ 22 साल का अंकुश भी ऐसे ही एक गिरोह के चंगुल में फंस गया था। वह भी झांसे में आ गया था।
उसने अपने परिचितों को भी इस बारे में अवगत करवाया और कई लोगों के साथ बिलासपुर पहुंच गया। इतने लोगों को देखकर गिरोह के लोग डर गए। उन्होंने यह कहकर वहां पहुंचे लोगों को टरका दिया कि रात 12 बजे के बाद ही साधना होगी।
गाड़ी में डालकर की पिटाई
एएसपी सिटी भजन देव नेगी
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने कहा कि उन्हें इस काम के लिए दो तांत्रिक चाहिए, जिनमें से एक तो मौजूद है लेकिन दूसरे का इंतजाम नहीं हो पाया है। इस पर बाकी लोग लौट आए अंकुश और उसका दोस्त वहीं पर रह गए। इसके बाद गिरोह के लोगों ने दोनों को गाड़ी में डाला और पिटाई शुरू कर दी।
वह इस बात से नाराज थे कि इस बारे में अंकुश ने इतने लोगों को क्यों बताया। आरोपी उससे कह रहे थे कि इस बात को गोपनीय रखा जाना था। आरोपियों के साथ अंकुश का संपर्क भी फोन पर ही हुआ था।
पैसों का लालच देकर फंसाया अंकुश को : एएसपी
एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। तंत्र विद्या के माध्यम से कढ़ाई बांधने और उसमें से पैसों की बरसात का लालच देकर अंकुश को झांसे में लिया गया। जांच चल रही है।
आरोपियों ने कबूला, कैसे फंसाया झांसे में
अब तक की जांच में सामने आया है कि अंकुश को यह कहकर फंसाया गया कि वह तंत्र विद्या के माध्यम से बहुत जल्दी काफी पैसा कमा लेगा। 22 साल का नवयुवक उनके झांसे में आ गया।
उसे बताया गया कि उनके पास एक ऐसा तांत्रिक है जो तंत्र विद्या से कड़ाई को बंधाने के बाद उसमें से पैसों की बरसात कर देगा। ऐसे तांत्रिक की फीस 21 हजार से शुरू होती है लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह काम तब हो पाएगा जब कोई कढ़ाई को बांधने का तांत्रिक मिल जाए।
इस काम के लिए दो अलग अलग तांत्रिकों की जरूरत रहती है। अंकुश भी कढ़ाई बांधने वाले तांत्रिक का इंतजाम कर वहां पहुंचा लेकिन वहां पहुंच कर कथित तांत्रिक ने कहा कि उसे पूरा ज्ञान नहीं है उसके बाद उसे लौटा दिया गया।
कढ़ाई बांधने के बाद ही गिरोह के दूसरे तांत्रिक का खेल शुरू होता जो पैसा बरसाने का बात कर रहा था। हालांकि यह सब धोखा ही था अंकुश जैसे कई लोगों से पैसे ठगने का।
तांत्रिक ऐसे बांधते थे कढ़ाई
आरोपियों का दावा है कि जलती भट्टी पर कढ़ाई चढ़ा दी जाती है और उसमें तेल डाला जाता है। आग की तेज आंच में तांत्रिक मंत्र साधना से उसे बांध देगा। आग कितनी भी तेज क्यों न हो तेल नहीं खौलेगा। वह ठंडा ही रह जाएगा।
इसके अगले कदम में दूसरा तांत्रिक इसमें से पैसों की बरसात करेगा। कथित तांत्रिक भोले भाले लोगों को फंसा कर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते हैं। बाद में कोई उनमें ही खोट निकाल कर तंत्र विद्या भंग कर उन्हें भगा देते हैं। इस तरह के मामलों में शिकायतकर्ता भय से पुलिस में भी शिकायत करने से हिचकता है।