अप्राकृतिक यौनाचार के संगीन आरोप में फंसे पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के मामले को पुलिस बंद कर सकती है। केस की केंसलेशन रिपोर्ट तैयार करने के लिए कानूनविदों की राय ली जा रही है।
इस मामले में महिला के अलग-अलग बयान से पुलिस की तफ्तीश उलझ कर रह गई है। ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पुलिस के हाथ नहीं लगा है जिससे मामले को मजबूती मिल सके।
कानूनविदों की मंजूरी के बाद अदालत में चार्जशीट की जगह केस की सीआर भेज दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि जांच के दौरान इस मामले में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस केस में आगे क्या करना है, इस बारे में कानूनविदों से राय ली जा रही है।