मशोबरा में सायर मेले में झोटों की लड़ाई करवाना मंदिर कमेटी को महंगा पड़ गया है। पुलिस ने मंदिर कमेटी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।मशोबरा में सायर मेले में झोटों (भैंसे) की लड़वाई करने के आरोप में मंदिर कमेटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत के प्रतिबंध के बावजूद मंदिर कमेटी ने झोटों को लड़वा दिया। इतना ही नहीं जब मीडिया ने मौके पर अपने कैमरों में अदालत की अवमानना के दृश्यों को कैद करना चाहा तो मेला कमेटी के लोगों ने सार्वजनिक तौर पर उन्हें धमकाना शुरू किया।
उनके कैमरे जब्त करने और तोड़ने की धमकी तक देते रहे। यह सब स्थानीय विधायक अनिरुद्ध सिंह की मौजूदगी में होता रहा। मीडिया के साथ हो रही बदसलूकी को रोकने के बजाए वह झोटों की लड़ाई का लुत्फ उठा रहे थे। अब देखना है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के मामले में पुलिस किस किस को जांच के लपेटे में लेती है।
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद सायर मेले में झोटों को लड़वा दिया। इस लड़ाई के दौरान कुछ झोटे बेकाबू होकर भीड़ में जा घुसे। इससे भगदड़ मच गई। मेले में आए लोग अपनी जान बचाने इधर से उधर भागने लगे। इस दृश्य को मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों ने अपने कैमरे में कैद करना चाहा तो मंच संचालन करने वाले व्यक्ति ने मंच से ही मीडिया कर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया।
मीडिया कर्मियों को धमकाया
मंच से यह कहा जा रहा था कि विधायक के आदेश हैं कि कोई फोटो और वीडियो नहीं बनाए। मीडिया कर्मियों को बार-बार यह कहा जा रहा था कि वह अपने कैमरे को बंद कर दें और इस माहौल की फोटो नहीं खींचे। जब मीडिया के कैमरे नहीं रुके तो उन्हें कैमरे तोड़ने और जब्त करने की धमकी दी गई। विधायक अनिरुद्ध सिंह की मौजूदगी में यह सब चल रहा था इसी दौरान कुछ लोग मीडिया कर्मियों पीटने के लिए डंडे लेकर आए। इनके साथ धक्कामुक्की की गई और डराकर कैमरों को बंद करवा दिया गया। सायर मेले में गुंडा गर्दी का खुला नाच देखने को मिला। जिला प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा इस दौरान मौजूद नहीं था मौके पर ऐसा लग रहा था कि प्रशासन को इस ओर रुख न करने की पहले से ही हिदायत दे रखी हो।
मनमर्जी की दे रखी थी पूरी छूट
मशोबरा पुलिस चौकी के छह जवान मेला स्थल से दूर ट्रैफिक व्यवस्था को संभाल रहे थे जिस समय यहां झोटों को लड़वा गया वहां कोई भी पुलिस मौजूद नहीं थी। कुल मिलाकर एक तरह से प्रशासन ने आंखें मूंद कर मेला कमेटी को मनमर्जी करने की छूट दे रखी थी। हालांकि मेला कमेटी के प्रधान नरेंद्र कंवर ने झोटों की लड़ाई की बात से साफ इंकार किया है और कहा कि इनमें से कुछ झोटे अचानक भागने लगे।
मामला पशु क्रूरता अधिनियम का : एसपी
एसपी शिमला सौम्या सांबशिवन ने कहा कि सरेआम माननीय अदालत के आदेशों की अवहेलना करने का मामला सामने आने के बाद मेला कमेटी के खिलाफ शनिवार रात ही थाना ढली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया । यह मामला पशु क्रूरता अधिनियम के तहत हुआ है। आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है।