मोदीपुरम। मेरठ और सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वहित अस्पताल में छापा मारकर एक चिकित्सक को भ्रूण की जांच करते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। पुलिस ने चिकित्सक और एक दलाल को हिरासत में लिया हे। मेरठ के डिप्टी सीएमओ ने आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर पल्लवपुरम थाने में दी है।
सोनीपत निवासी एक महिला के भ्रूण की जांच कराने के लिए रोहटा निवासी मनीष सोमवार शाम मोदीपुरम के सर्वहित अस्पताल पहुंचा। बताया गया कि अस्पताल में डॉ. अनिल शर्मा द्वारा अल्ट्रासाउंड किया जाता है। मनीष ने चिकित्सक से साठगांठ करके महिला को सोनीपत से बुलाया था। शाम के समय महिला का अल्ट्रासाउंड होना था। अस्पताल में पिछले काफी दिनों से भ्रूण की जांच की शिकायत सोनीपत के डिप्टी सीएमओ डा. आदर्श शर्मा को मिल रही थी। उन्होंने अस्पताल में जांच के लिए अपनी एक टीम लगा रखी थी। महिला जब अस्पताल में पहुंची तो सोनीपत से डिप्टी सीएमओ डा. आदर्श शर्मा ने मेरठ के डिप्टी सीएमओ डा. देवीदास से संपर्क किया और विभागीय चिकित्सकों की एक टीम का गठन कर अस्पताल में छापा मारा। अस्पताल में अचानक छापेमारी से चिकित्सकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने तुरंत पल्लवपुरम एसओ को इसकी सूचना दी। एसओ मौके पर पहुंच गए। छापा मारने गई टीम ने अल्ट्रासाउंड करते हुए डॉ. अनिल शर्मा और मनीष को पुलिस को सौंप दिया। चिकित्सक और मनीष के पास से पुलिस को चार हजार रुपये बरामद हुए। बाद में पुलिस आरोपियों को पल्लवपुरम थाने में ले गई। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि डिप्टी सीएमओ देवीदास ने इस प्रकरण में आरोपियों को नामजद करते हुए पल्लवपुरम थाने पर तहरीर दी है। बताया जाता है कि मनीष काफी समय से अस्पताल में भ्रूण की जांच करवाता रहा है।
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सोनीपत टीम ने तो नहीं बनाया प्लान
मोदीपुरम। अस्पताल में चल रहे इस गोरखधंधे को पकड़ने के लिए सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ही प्लान बनाया। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने ही महिला को भ्रूण की जांच कराने के लिए भेजा। हालांकि सोनीपत की टीम ने इससे इंकार कर रही है, लेकिन माना जा रहा है कि इसे पकड़ने के लिए सोनीपत द्वारा ही यह प्लान बनाया गया था।
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मामले में डिप्टी सीएमओ द्वारा तहरीर दी गई है। तहरीर में डॉ. अनिल शर्मा ओर मनीष को नामजद किया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सुभाष अत्री, एसओ पल्लवपुरम