शिमला पुलिस ने शनिवार को विक्ट्री टनल के पास उत्तर प्रदेश के दो युवकों से ढाई किलो संदिग्ध पदार्थ पकड़ा है। ब्राउन शुगर या कोई नशीला पदार्थ होने के संदेह पर दोनों युवकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने सदर थाने में जुन्गा एसएफएसएल (स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब) से टीम बुलाकर संदिग्ध पदार्थ की जांच करवाई मगर प्रारंभिक जांच में संदिग्ध पदार्थ का खुलासा नहीं हो पाया है।
एफएसएल के लिए पदार्थ के सैंपल भरे गए। इसकी रिपोर्ट आने तक दोनों युवकों को पुलिस ने अपनी हिरासत में रखा है। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि इन दोनों के खिलाफ कोई मामला बनता है या नहीं, इसी आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। शिमला पुलिस के एएसपी भजन नेगी ने विक्ट्री टनल के समीप शनिवार सुबह करीब ढाई किलो संदिग्ध पदार्थ पकडे़ जाने और दो युवकों को हिरासत में लेने की पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक सुबह करीब सात बजे विक्ट्री टनल के समीप पुलिस टीम ने इन दोनों को पैदल चलते आते देखा। दोनों पुलिस को देख हड़बड़ा गए। पुलिस ने इन्हें रोका और बैग की तलाशी ली। पुलिस टीम को बैग से ढाई किलो संदिग्ध पदार्थ मिला। यह नशीले पदार्थ ब्राउन शुगर की तरह प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञ टीम को बुलाकर इसकी जांच करवाई। स्थिति साफ न होने पर इसके सैंपल भरे गए हैं और उन्हें जुन्गा एफएसएल भेजा गया।
रंग ला रहा पुलिस का अभियान
शिमला पुलिस ने नशीले पदार्थ का धंधा करने वालों पर नकेल कसने के लिए अभियान चला रखा है। इससे इस धंधे में उतरे लोगों में दहशत बन गई है। ढाई किलो का यह पदार्थ क्या है, इसे क्यों शिमला लाया जा रहा था, और किसे दिया जाना था, यह सब जांच के बाद ही पता चल पाएगा। पुलिस ने जिस तरह से गाजियाबाद और फैजाबाद के इन दो युवकों को पकड़ा है, उससे पुलिस नशाखोरी और ड्रग्स कारोबार को बंद करने की दिशा में किए जा रहे गंभीर कोशिशों का जरूर पता चला है।
29 जनवरी को पकड़ा था 2 किलो गांजा
शिमला पुलिस ने बीते रविवार को सुबह पौने चार बजे लालपानी बाईपास पर हरियाणा के एक युवक के पास से 2 किलो 72 ग्राम गांजा और 40 ग्राम ब्राउन शुगर पकड़ी थी। इसकी कीमत हजारों में थी। वहीं पुलिस ने संजौली में भी नशे की ऐसी खेप पकड़ी थी।
कहीं ठगी के इरादे से तो नहीं लाया जा रहा था पदार्थ
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह ब्राउन शुगर नहीं निकला है, इसकी पहचान लैब की रिपोर्ट आने पर हो जाएगी। मगर यदि यह नशीला पदार्थ नहीं था, तो इसे शिमला क्यों लाया जा रहा था। पुलिस इस पर भी जांच आगे बढ़ा सकती है। चूंकि दिनोंदिन यहां बढ़ रहे नशे के काले कारोबार और नशा उत्पादों की सही पहचान न होने का लाभ उठाकर इस पदार्थ को ब्राउन शुगर के रूप में लाखों में बेचने की साजिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
टेस्ट रिपोर्ट में नहीं निकला नशीला पदार्थ
एएसपी भजन देव नेगी ने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट में नशीला पदार्थ नहीं पाया गया हैं। देर शाम पहुंची रिपोर्ट के बाद सदर थाना पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए दोनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ की है कि इस पदार्थ को क्यों लाया गया।