मार्च 2016 में दर्ज ठगी के एक मामले के आरोपी को सोमवार रात शिमला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ आईजीएमसी शिमला में दुकानें दिलवाने के नाम पर आठ लाख रुपये लेकर ठगी करने का मामला बालूगंज थाना में दर्ज किया गया था।
आरोपी संजय वर्ष 2013 में फर्जी डीओ नोट जारी करने के मामले में भी संलिप्त था। इसके खिलाफ पुलिस में दस से अधिक मामले पहले ही दर्ज किए गए हैं। इसमें धोखाधड़ी, सरकारी कर्मी के साथ मारपीट करने जैसे मामले शामिल हैं।
यह 28 मार्च से लेकर घर से फरार था, पुलिस को इसकी तलाश थी। इसके एक अन्य साथी को पुलिस ने अप्रैल माह में ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसे बाद में कोर्ट से जमानत पर छोड़ दिया गया था। संजय गुलेरिया एनएसयूआई का भी एक पूर्व पदाधिकारी रह चुका है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 28 मार्च 2016 को आरोपी संजय के खिलाफ थाना बालुगंज में पंजाब के अनिल कुमार स्थायी निवासी देहरा कांगड़ा ने आईजीएमसी परिसर में दुकान दिलवाने के नाम पर आठ लाख लेकर धोखाधड़ी करने की शिकायत दर्ज करवाई थी।
आरोपी नेता पर पहले भी दर्ज हैं 10 से ज्यादा केस
इस पर थाना पुलिस ने आरोपी के एक साथी निवासी सिरमौर पांवटा साहिब को अप्रैल माह में ही गिरफ्तार कर लिया था, मगर संजय पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। इस पर पुलिस ने इसकी तलाश को जारी रखा। सोमवार को पुलिस को जैसे ही उसके शिमला में होने की गुप्त सूचना मिली तो मामले की छानबीन कर रहे जांच अधिकारी ने पुलिस टीम के साथ 103 के पास से इसे गिरफ्तार कर लिया।
थाना पुलिस ने इसे गिरफ्तार करने के बाद, मंगलवार को इसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस से मिली सूचना के मुताबिक इसके खिलाफ पहले से दस के करीब मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। जिसमें अधिकतर मामले ठगी और धोखाधड़ी के ही हैं, इसके साथ ही कर्मचारियों को धमकाने आदि के मामले भी शामिल हैं।
जारी किए थे टैक्सी चालक को फर्जी डीओ नोट
आरोपी संजय पर 2013 में दर्ज किए गए धोखाधड़ी के मामले में फर्जी डीओ नोट जारी करने के कथित आरोपों पर मामला दर्ज किया गया था।