तो क्या कुल्लू जिले की बुरूआ पंचायत में भी चारा घोटाला हो गया। इस पंचायत ने करीब चार साल पहले मनाली के एक प्रोविजनल स्टोर से 40 हजार रुपये के चारे की खरीद की। उसके बाद इस चारे को किसानों में बांटने का दावा किया, मगर जिन कृषकों को इसे बांटा गया, उनके हस्ताक्षर नहीं करवाए गए, जबकि ये जरूरी थे। हाल ही में स्थानीय लेखा विभाग ने इस ग्राम पंचायत की ऑडिट रिपोर्ट पंचायती राज विभाग के निदेशालय के भी ध्यान में लाई है।
12 नवंबर 2015 की रोकड़ बही की जांच में पाया कि पंचायत की ओर से खाता आजीवन वर्द्धन कार्यक्रम के अंतर्गत बिल संख्या 15,789 दिनांक 11 अक्तूबर 2015 को मनाली के एक प्रोविजनल स्टोर से चारे के 52 बैग खरीदे। ये फीड बैग 40,010 रुपये में खरीदे गए। इन्हें स्टॉक रजिस्टर की पृष्ठ संख्या 23 पर दर्ज किया गया और लाभार्थी किसानों को चारा बैग बांटे गए।