आरोपी इंस्पेक्टर को तीन हजार रुपये की राशि के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।
विजिलेंस ऊना और सीआईडी की संयुक्त टीम ने आरटीओ की फ्लाइंग स्कवायड में तैनात इंस्पेक्टर को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आरोपी हिमाचल पथ परिवहन निगम में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है।
जबकि, इन दिनों वह ऊना में आरटीओ की फ्लाइंग स्कवायड में डेपुटेशन पर चल रहा है। घटना के वक्त आरोपी इंस्पेक्टर अपने सरकारी वाहन में सरकारी चालक के साथ था। इस दौरान टीम को गाड़ी की तलाशी लेने पर कुल 24,100 रुपये की नकद राशि बरामद हुई। जबकि पांच हजार रुपये गाड़ी की पिछली सीट के कवर से भी बरामद हुए।
आरोपी अधिकारी रिश्वत लेने के लिए बडूही के नजदीक तीन घंटे तक रुका रहा। जबकि, देरी होने पर आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को फोन कर गालियां तक निकालीं। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह पंजाब से तूड़ी बेचने के लिए आने वाले दो टैंपुओं को अधिकारी ने झलेड़ा के नजदीक निरीक्षण के लिए रोका और कागजात पूरे न होने का दबाव डाल कर 20 हजार रुपयों की मांग की।
इस पर बाद में मामला प्रति टैंपो दो हजार रुपये में तय हो गया। शिकायत कर्ताओं में पंजाब के गढ़शंकर निवासी सुभाष और कुलदीप ने बताया कि उन्होंने इंस्पेक्टर मजीद मोहम्मद से इतने रुपये न होने की बात कही। इस पर तूड़ी बेचने के बाद पैसे देने की बात तय हो गई। दोनों ने अधिकारी से बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली थी। इसके बाद दोनों चालकों ने डीएसपी सीआईडी सागर चंद्र से संपर्क कर सारी घटना की जानकारी दी।
उन्होंने डीएसपी विजिलेंस केडी शर्मा और उनकी टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को तीन हजार रुपये की राशि के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। डीएसपी विजिलेंस केडी शर्मा ने बताया कि आरटीओ की फ्लाइंग स्कवायड के इंस्पेक्टर मजीद मोहम्मद को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।