गौरतलब है कि नौंवीं कक्षा की छात्रा के साथ उसी स्कूल के एक शिक्षक ने दुराचार किया था।
दुराचार की शिकार हुई नाबालिग छात्रा ने एक शिशु को जन्म दिया है। पुलिस सुरक्षा के बीच सोमवार को नाबालिग का एक अस्पताल में प्रसव हुआ। ममाला हिमाचल के सिरमौर जिले का है। सूत्र बताते हैं कि नाबालिग ने बेटे को जन्म दिया है। अब डीएनए टेस्ट के जरिए भी पुलिस दुराचार के इस मामले की गुत्थी को सुलझाने का प्रयास करेगी। पुलिस अब नवजात शिशु का डीएनए करके उसे जांच के लिए भेजने की तैयारी में जुट गई है।
गौरतलब है कि रेणुका निर्वाचन क्षेत्र के एक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही नौंवीं कक्षा की छात्रा के साथ उसी स्कूल के एक शिक्षक ने दुराचार किया था। आरोप है कि जब एक शिक्षक ने छुट्टी हो जाने के पश्चात छात्रा को अपने कमरे में भेज कर उसके साथ दुराचार किया लेकिन नाबालिग छात्रा के गर्भवती हो जाने पर इस बात का खुलासा हुआ।
छात्रा के परिजनों ने बीते पहली अप्रैल को रेणुका थाने में शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। आरोपी शिक्षक अभी न्यायिक हिरासत में है। इसी महीने नाबालिग को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां उसे माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर सुरक्षा भी मुहैया करवाई गई। छात्रा की सुरक्षा के लिए अस्पताल में चार पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। सोमवार को छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया।
रेणुका थाने के एसएचओ देवानंद गुलेरिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अब अगली कार्यवाही में जुट गई है। पुलिस नवजात शिशु का डीएनए करवा कर उसे जांच के लिए भेजेगी। इसके पश्चात पुलिस आगामी कार्यवाही अमल में लाएगी। फिलहाल नाबालिग छात्रा व उसका नवजात शिशु दोनों ही स्वस्थ हैं तथा उन्हें अभी भी कुछ दिनों तक पुलिस सुरक्षा में रखा जाएगा।