चिड़गांव क्षेत्र के एक गांव में पिता ने अपनी ही बेटी की अस्मत लूटी ली। 14 वर्षीय लड़की ने पिता के खिलाफ चिड़गांव थाने में दुराचार का मामला दर्ज करवाया है।
लड़की की मां का देहांत काफी पहले हो चुका है। उनके देहांत के बाद वह गांव में पिता के साथ रहती थी।
पिता ने उसके साथ कई बार दुराचार किया। मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पिता के जुल्मों से तंग आकर लड़की घर से भाग गई।
लड़की के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। युवती का बुधवार को शिमला में मेडिकल भी करवाया गया है। हालांकि अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
फिलहाल आरोपी पिता गिरफ्त से बाहर
आरोपी पिता केस दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा है। इसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार मामला कुछ माह पहले का है। लड़की अपने पिता से तंग आकर घर से भागकर शिमला पहुंच गई।
यहां वह कुछ समय एक आश्रम में रही। युवती 28 मार्च को आश्रम से भी कहीं चली गई। बाद में सोलन से वापस लाया गया।
मंगलवार को ढली पुलिस थाना पहुंचकर युवती ने अपने पिता पर दुराचार करने का आरोप लगाया है। मामला चिड़गांव क्षेत्र का था, इसलिए ढली थाने से मामले को चिड़गांव पुलिस थाने को सौंप दिया गया है।
पुलिस थाना चिड़गांव के एसएचओ आशीष सैमुअल ने बताया कि लड़की ने ढली थाना में मामला दर्ज करवाया था। जहां से मामले को चिड़गांव थाने भेजा गया है। लड़की ने अपने पिता पर दुराचार का आरोप लगाया है।
एक माह में तीसरा बड़ा मामला
प्रदेश में पिछले एक महीने के दौरान दुराचार का यह तीसरा मामला है।
इससे पहले सोलन के कोटलानाला में भी एक नाबालिग युवती से दुराचार का मामला सामने आया था। छानबीन में पता चला कि पीड़िता का भाई ही उससे दुराचार कर रहा था।
इसी तरह पिछले हफ्ते एक अन्य मामला भी सामने आया जिसमें पिता ही दुराचार का आरोपी था। प्रदेश में इस महीने दुराचार का यह तीसरा केस है।
आए दिन सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद न सिर्फ इंसानियत शर्मसार हो रही है बल्कि सवाल उठने लगे हैं कि जब ये युवतियां अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है तो फिर बाहर कैसे सुरक्षित रह पाएंगी।