रघुनाथ मंदिर में चोरी का आरोपी नर प्रशाद एक प्राफेशनल चोर था और इससे पहले हिमाचल सहित नेपाल और उत्तराखड में भी मंदिरों में चोरियों की वारदातों को अंजाम दे चुका था।
उसने रघुनाथ मंदिर में चोरी का प्लान तैयार किया और वह भी ऐसा कि पकड़े जाने की कोई गुंजाइश न रहे। बावजूद इसके पुलिस की बेहतरीन जांच ने उसे आखिर दबोच ही लिया।
नर प्रशाद चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले यहां पर कई दिनों से रैकी कर रहा था। इसी दौरान नर प्रशाद कई बार रघुनाथ मंदिर के साथ सटे ढाबे में तीन दिन तक खाना खाने के लिए आया।
इस दौरान आरोपी ने ढाबा मालिक सरोज कुमार से यह कहकर फोन मांगा कि उसे जम्मू में अपने दोस्त को फोन करना है। मासूम दिखने वाले नर प्रशाद को जैसे ही ढाबा मालिक ने फोन दिया और साथ ही यह भी कहा कि उसे काम चाहिए तो वह किसी ठेकेदार से बात कर लेगा।
मगर आरोपी ने यह कहते हुए काम करने से इंकार कर दिया कि वह काम के लिए नहीं यहां पर घूमने के लिए आया है। ढाबा मालिक ने बताया कि चोरी के कुछ दिनों के बाद तब पुलिस पूछताछ के लिए आई तो उसने नर प्रशाद को पहचान लिया।
इस दौरान सरोज के फोन पर नेपाल से भी कॉल आई थी। सरोज ने पुलिस को नेपाल का नंबर दिखाया, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
9 दिसंबर छानबीन शुरू
पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया। यहां पर उन्हें अमर उजाला अखबार की एक प्रति भी मिली। इसी अखबार को हाथ्ा में लेकर पुलिस ने एक संदिग्ध को चार दिसंबर के दिन मंदिर में घूमते हुए पाया।
पुलिस ने क्षेत्र घटना के संभावित समय एक्टिव मोबाइल नंबरों का डाटा एकत्रित किया। इन्हें ऑब्जर्वेशन पर रखा गया।
इनमें एक नंबर ऐसा था, जिसमें हरियाणा और नेपाल समेत कई जगहों पर बातचीत होने का खुलासा हुआ। छानबीन के दौरान पुलिस को यह नंबर स्वीच ऑफ मिला।
पुलिस टीम नेपाल पहुंची 13 जनवरी
हिमाचल पुलिस की एक टीम मामले के संदिग्ध आरोपी को पकड़ने के लिए नेपाल रवाना हुई। इस मामले का ओवरऑल सुपरवीजन अतिरिक्त महानिदेशक संजय कुंडु के पास था।
हर रोज एसपी कुल्लू सुरेंद्र वर्मा जांच के हर पहलू पर नजर रखे हुए थे। विशेष जांच टीम के मुखिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निहाल चंद थे। एसआई में कई विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। 16 जनवरी को आरोपी ने 80 हजार रूपए की रकम नेपाल के बैंक खाते में जमा करवाई।
नेपाल से हुई चोर की गिरफ्तारी
हिमाचल पुलिस की टीम ने वहां 22 जनवरी को आरोपी को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इसके बाद कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने 23 जनवरी को सारा सच उगल दियाघ्। इसके बाद कुल्लू में अलग अलग स्थानों पर पुलिस ने चतुराई से छुपाईग् मूर्तियां और अन्य सामान बरामद कर लिया।
पुलिस ने सफलता हासिल करते हुए 23 जनवरी को ही ब्यासनाला और बजौरा से चोरी हुई सभी मूर्तियों को बरामद कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई।