हिमाचल के जिला कुल्लू से भगवान रघुनाथ और दूसरे देवी देवताओं की मूर्तियां चोरी करने वाले मास्टरमाइंड नर प्रसाद को पकड़वाने में 'अमर उजाला' की भी खास भूमिका रही। अखबार की एक प्रति पुलिस के बेहद काम आई और आखिरकार आरोपी पकड़ा गया।
पुलिस ने भी अपनी जांच में इसका जिक्र किया है। डीजीपी हिमाचल संजय कुमार का कहना है कि इस सुराग के बाद जांच इसी बिंदु पर शुरू हुई और आरोपी की पहचान की गई। बाद में पता चला कि यही आरोपी मास्टरमाइंड है।
पुलिस के अनुसार जब मंदिर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो उसमें एक शख्स घटना से करीब चार दिन पहले मंदिर परिसर में घूमता देखा गया। इसके हाथ में अमर उजाला अखबार था। ये संदिग्ध लग रहा था।
ऐसे हुआ बेनकाब
आठ दिसंबर की रात मंदिर परिसर में चोरी की ये बड़ी वारदात अंजाम दी गई। पुलिस ने घटना स्थल से भी अमर उजाला अखबार की एक प्रति बरामद की। इसे भी सुराग के तौर पर रखा। बाद में जब सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी के हाथ अखबार देखा तो जांच इसी बिंदु पर शुरू हुई कि कहीं अखबार लिए ये शख्स ही तो चोर नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए इसकी पहचान शुरू हुई। मोबाइल ट्रैकिंग के बाद इसका नंबर सामने आया। पता चला कि मंदिर परिसर से इसी के मोबाइल नंबर से सबसे ज्यादा कॉल किए गए। इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू हुई और ये नेपाल में जाकर पकड़ा गया। पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान भी इस जांच का जिक्र किया।
पुलिस से बचने के लिए बदले कई नाम
पुलिस के अनुसार आरोपी ने बचने के लिए कई रास्ते अपनाए। इसने अपने नाम भी बदले। साथ ही वारदात को इतनी चालाकी से अंजाम दिया कि कोई सुराग न छूट पाए। यह 9 से 13 दिसंबर के बीच कुल्लू से हरियाणा के लिए रवाना हुआ था।
पकड़ा न जाए इसके लिए इसने सारी मूर्तियां और जेवरात ब्यासा मोड़ और कुल्लू में दफना दिए थे। पुलिस ने चोरी की मूर्तियां, सोने चांदी के जेवरात आदि बरामद कर लिए हैं। ये सभी बेशकीमती हैं।
आरोपी फिलहाल नेपाल पुलिस की गिरफ्त में हैं। इसे जल्द ही हिमाचल लाया जाएगा।
अपनी गर्लफ्रैंड को भी किया था कॉल
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फरार होते वक्त अपनी एक गर्लफ्रैंड को भी कॉल किया था। इसके अलावा नेपाली मूल के एक अन्य युवक से भी इसने बात की है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई थी जिसे नेपाल भेजा गया।
वहां नेपाल पुलिस की मदद से इसे इसके घर से पकड़ा गया है। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एएसपी कुल्लू निहाल चंद की अगुवाई में एसआईटी भी बनाई थी जिसने इस वारदात को सुलझाने में सफलता हासिल की।
वहीं, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुंडू इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे।