बरेली के बारादरी थाने की शाहदाना कालोनी में शुक्रवार दोपहर एक घर में सौतेले बाप-बेटी के शव मिलने से सनसनी फैल गई। करीब 20 साल की बेटी का शव तो फर्श पर पड़ा हुआ था जबकि लगभग 40 साल के पिता का शव जंगले में दुपट्टे से बनाए गए फांसी के फंदे पर झूल रहा था।
लड़की के मुंह से झाग निकला हुआ था और शरीर का निचला हिस्सा लहूलुहान था। जिस वक्त ये वारदात हुई उस वक्त घर में न तो इनके परिवार का कोई सदस्य था और न ही मकान मालिक। सूचना पर पहुंची पुलिस ने धक्के देकर दरवाजा खोला।
मृतक की पत्नी ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि पति ने दुराचार में विफल रहने पर बेटी को मार दिया और अपराध बोध या फिर कार्रवाई के डर से फांसी लगा ली। फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। वहां मौजूद तीन गिलासों में एक में सफेद पाउडर जैसा कोई पदार्थ मिला है, जिसके जहर होने की आशंका है।
मौके से सब्जी काटने वाला वह चाकू भी मिला है, जिससे लड़की के शरीर पर वार किए गए थे। एसपी सिटी ने भी मौका मुआयना किया। मर्डर मिस्ट्री की हकीकत शनिवार को पोस्टमार्टम से पता लग सकेगी।
बेटी को अकेला पाकर बाप ने की रेप की कोशिश
शाहदाना कालोनी में राजू उर्फ लोटन के मकान में नीचे के हिस्से में यह वारदात हुई। यहां रिक्शा पोलर सुखपाल अपनी सौतेली पत्नी बेबी और उसके तीन बच्चों किरन, हेमा और मोहित के साथ चार महीने से किराए पर रह रहा था।
बेबी और हेमा लोगों के घरों में बरतन धोने आदि का काम करती हैं। शुक्रवार को सुबह आठ बजे दोनों काम पर चली गईं। बेटा मोहित और मकान मालिक राजू पहले ही घर से निकल चुके थे। घर में केवल किरन और सुखपाल थे।
दोपहर करीब सवा बारह बजे राजू लौटे तो घर का मेनगेट अंदर से बंद था। काफी खटखटाने पर भी गेट नहीं खुला तो वे पड़ोसी जगन्नाथ के घर में होकर छत पर पहुंचे। उसी वक्त बेबी भी काम से लौटी।
उसने भी गेट खुलवाने की कोशिश की पर कोई आवाज नहीं आई। राजू ने छत से जीने में उतरकर मेन गेट खोला। बेबी के कमरे का गेट अंदर से बंद था। राजू ने माडल टाउन चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर धक्का देकर गेट खोला गया तो कमरे का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए।
किरन की शादी होने वाली थी
कमरे में किरन का शव फर्श पर पेट के बल पड़ा था। उसके कमर के नीचे के हिस्से में चाकू से तीन वार किए गए थे, अगले हिस्से में नाभि के पास भी एक वार किया गया था। मुंह से झाग निकला हुआ था। जबकि सुखपाल का शव जंगले पर फांसी पर लटका हुआ था। सूचना पर गंगापुर में पत्नी के संग रह रहा किरन का बड़ा भाई राजकुमार भी आ गया।
वह बहन हेमा और मां पर सुखराम को शह देने का आरोप लगा रहा था। उसने बताया कि पंद्रह साल पहले उनके पिता शंकरलाल को भी मां ने सुखराम के सहयोग से लटकाकर मार दिया था। तब दोनों ने जेल भी काटी थी। बताया कि किरन की शादी 11 फरवरी को गंगापुर के जयप्रकाश से होनी थी। परिवार इसकी तैयारियां कर रहा था।
एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा का कहना है कि सुखराम नशेड़ी था। वह बेटी पर पहले से गलत निगाह रखता था। बेटी को अकेला पाकर उसने दुष्कृत्य का प्रयास किया और विफल रहने पर उसे मार दिया। कार्रवाई के डर से वह खुद भी फंदे पर लटक गया। चूंकि आरोपी ही मर गया इसलिए मुकदमे का सवाल नहीं उठता। इसे इत्तेफाकिया दर्ज कराकर सारी विधिक कार्रवाई कराई जा रही है। कोई अलग दिशा मिली तो उसकी भी जांच होगी।