हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच राज्य विजिलेंस ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन केस में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल को दोनों बेटों के साथ आरोपी बनाने का फैसला किया है।
इस केस में जांच एजेंसी ने बुधवार को चालान तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
इसमें धूमल के अलावा एचपीसीए अध्यक्ष और सांसद अनुराग ठाकुर और तीन अन्य अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मंजूरी मांगी है।
अफसरों में आईएएस दीपक सानन, रिटायर आईएएस आरएस गुप्ता और धर्मशाला नगर परिषद के रिटायर ईओ आरएस वर्मा के नाम शामिल हैं।
हालांकि विजिलेंस ने इन नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
चालान में 18 लोगों के नाम
इस केस में विजिलेंस ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से भी प्रश्नावली के जरिये पूछताछ की थी।
तैयार चालान में कुल 18 लोगों को आरोपी बनाया जा रहा है। इनमें अरुण धूमल, अन्य एचपीसीए पदाधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
इसके अलावा जिनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी नहीं मांगी गई हैं, वे केस में सह-आरोपी होंगे।
इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य विजिलेंस के पास नहीं हैं।
हालांकि, इस एफआईआर को रद करवाने के लिए एचपीसीए हाईकोर्ट गई है, जिसकी सुनवाई 7 अप्रैल को है।
विजिलेंस के मीडिया प्रभारी डीआईजी अरविंद शारदा ने केवल चालान तैयार कर सरकार को भेजने की पुष्टि की।
क्या है एचपीसीए केस?
कांग्रेस सरकार बनने के बाद कांग्रेस चार्जशीट के आधार पर एचपीसीए पर विजिलेंस ने 1 अगस्त 2013 को धर्मशाला थाना में एफआईआर दर्ज की।
आरोप था सोसायटी को कंपनी बनाकर धोखाधड़ी करने और आपराधिक षडयंत्र रचकर होटल के कमर्शियल यूज की मंजूरी लेने का।
इस केस में क्रिकेट एसोसिएशन पर आईपीसी की धारा 406, 420, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) लगाई गई थी। एफआईआर में किसी का नाम नहीं था।