परीक्षा में फेल होने के बावजूद एक शख्स आईएएस अधिकारी बन गया। पुलिसवालों पर रौब झाड़ने वाला ये शख्स कई दिनों तक दादागिरी दिखाता रहा। आखिरकार इसकी पोल खुल ही गई और पुलिस ने इसे सलाखों के पीछे भेज दिया।
हिमाचल पुलिस ने बिलासपुर के घुमारवीं चौक के पास एक फर्जी आईएएस अधिकारी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपी गांधी चौक में तैनात पुलिस कर्मचारियों को आईएएस अधिकारी होने का रौब झाड रहा था।
आरोपी का कहना था कि वह एसडीएम घुमारवीं के बैच का अधिकारी है। मगर जब उक्त शख्स को शक होने पर एसडीएम के समक्ष पेश किय गया तो उसकी सारी पोल खुल गई। जांच में पता चला कि आरोपी 27 वर्षीय युवक पुष्पेंद्र उर्फ प्रतीक हमीरपुर जिला का रहने वाला है और उसने सिविल इंजीनियरिंग कर रखी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसडीएम को बेचमेट बताकर पुलिसवाले को धमकाया
जानकारी के अनुसार गांधी चौक पर अपनी ड्यूटी दे रहे एएसआई चमन लाल और एचसी प्रकाश चंद को नकली अधिकारी ने कहा कि तुम यहां पर क्या कर रहे हो। उनको अधिकारी की बातों पर शक हुआ तो आरोपी उनसे उलझने लग गया। शक गहरा होने पर उन्होंने उक्त व्यक्ति से आईएएस अधिकारी होने के बारे में जानकारी मांगी तो कहा कि एसडीएम घुमारवीं मेरे बैच मेट है।
डीएसपी घुमारवीं अंजनी जसवाल ने बताया कि पुलिस ने मामले के आरोपी पुष्पेंद्र को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 ,151 के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को आईएएस अधिकारी बताता था।
परीक्षा में फेल हो गया था आरोपी
पुलिस वाले उसे स्थानीय एसडीएम के पास ले गए तो वहां पर पोल खुल गई। यहां आरोपी ने कहा कि उसने परीक्षा दी थी, जिसमें वह फेल हो गया था। बाद मे जांच में पता चला की उक्त आरोपी ने सिविल इंजीनियरिंग कर रखी हैं। आरोपी हमीरपुर के गांव अमनेड़ डांताल का रहने वाला है।
पुलिस ने उसके विरुद्ध शांति भंग करने का मामला दर्ज किया है। मगर उसके भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी बताने के पीछे उद्देश्य क्या था उसने किसी और व्यक्ति को प्रशासनिक अधिकारी बताकर भ्रमित या ठगा तो नहीं किया है इसकी जांच की जा रही है।
थाने में भी खुद को बताता रहा अधिकारी
एक दिन गांधी चौक पर आया जहां पर तैनात पुलिसकर्मी को उसने अपनी पहचान बताइ की वह एक आईएएस अधिकारी है और कुछ समय के लिए वह अपनी गाड़ी यहां पार्क करेगा। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने उसे कुछ समय के लिए गाड़ी लगाने के लिए कह दिया।
इसके बाद आरोपी एक दिन पुलिस थाना घुमारवीं के बाहर पूछताछ करता देखा गया। वह पूछ रहा था की एसडीएम कार्यालय कहां हैं। इसके बाद पुलिस को उस पर शक हुआ पुलिस नजर रखना शुरू किया। इसके बाद पुलिस उसे सोमवार को थाने लेकर गई, वहां भी आरोपी यही कहता रहा की वह आईएएस अधिकारी है।