ऊना निवासी कारोबारी की कनपटी पर चाकू घोंपने के बाद गला रेत कर मौत के घाट उतारने वाले ब्लाइंड मर्डर को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। आरोपी की पहचान पुलिस ने संजय कुमार पुत्र जगदीश निवासी कानपुर यूपी के रूप में की है।
उसे मोबाइल लोकेशन के आधार पर दिल्ली से दबोचा है। शातिर ने उसी रात हरियाणा के मढ़ावाला में भी एक नेपाली को मौत के घाट उतारा है। 6 जुलाई की रात को बरोटीवाला में ऊना के कारोबारी रामजीदास की हत्या हो गई थी व उसका गला रेत कर तथा सिर को चाकुओं से गोद दिया गया था। वहीं उसी रात को मढ़ांवाला में एक नेपाली की हत्या भी हुई थी जो कि हरियाणा का मामला था।
बहन से रिश्ता बनाने की कही थी बात
हत्या आरोपी संजय कुमार ने पुलिस पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कुबूला है। उसका कहना है कि रामजीदास और नेपाली को वह पहले से जानता था। दोनों की उसकी बहन के प्रति नीयत खराब थी।
पहले उसने मढावाला में रहने वाले नेपाली का कत्ल किया। बाद में उसने रामजी दास के साथ शराब पी। शराब के नशे में धुत होकर उसने मेरी बहन से रिश्ता बनाने की बात कही, जो उसे नागवारा गुजरी और मौत के घाट उतार दिया।
शराब पिलाकर किया बेहोश फिर कत्ल
पुलिस का दावा है कि पहले आरोपी ने रामजी दास को शराब के नशे में बेहोश कर डाला। उसके बाद कारोबारी की निर्मम हत्या की गई। घटनास्थल पर शराब की बोतल तथा दो गिलास मिले थे जिसके आधार पर पुलिस को शक था कि जिस व्यक्ति ने उसके साथ में बैठ कर शराब पी उसी ने इसकी हत्या की होगी।
पुलिस ने घटनास्थल पर मृतक का मोबाइल बरामद किया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन को आधार बनाकर उन मोबाइल नंबरों को ढूंढा जिनसे कत्ल वाली रात बात हुई हो। पुलिस को एक नंबर ऐसा मिला जिस पर काफी बात हुई थी। कत्ल वाली रात जब दोनों की लोकेशन ट्रेस की गई तो एक निकली।
एसएचओ बरोटीवाला क्षमा दत्त के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। लोकेशन के आधार पर शातिर को कानपुर में दबोचना चाहा लेकिन वह भाग निकला। अंत में पहले दिल्ली जाकर छिप गया था। पुलिस की टीम ने 16 जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी तथा मोबाइल लोकेशन के आधार पर उक्त आरोपी को पकड़ कर बरोटीवाला लाई।