पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांव और छोटे कस्बों के एटीएम पर पहले रेकी करते हैं। बाद में जाल बिछाते हैं। एक व्यक्ति पहले एटीएम पर फेविक्विक डालकर बटन जाम करता है। एटीएम के अंदर जाने वाला जो आसानी से ठगी का शिकार हो सके, उसे ये लोग पहचानते हैैं और मदद के बहाने एटीएम में प्रवेश करते हैं।
कार्ड डालने के बाद उन्हें बार-बार पिन दबाने के लिए कहते हैैं। इसी बीच वह पिन हासिल कर लेते हैं और अंत में कार्ड बदल देते हैं। इसके बाद आसानी से उन कार्ड से पैसे निकालकर फरार हो जाते हैं।