ऐतिहासिक शक्तिपीठ त्रिलोकपुर बालासुंदरी मंदिर में लगभग एक साल पहले दानपात्र में चढ़े चढ़ावे में सेंधमारी करने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई अमल में लाई है। प्रशासन ने इस मामले में मंदिर न्याय में कार्यरत एक नियमित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। दान पात्र के चढ़ावे से कितनी रकम गायब हुई थी, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि 6 सितंबर 2015 को दानपात्र में सेंधमारी का मामला सामने आया था। जांच में पता चला था कि मंदिर के मुख्य दानपात्र के आसपास लगे सीसी कैमरे कुछ देर के लिए बंद हो जाते थे। इस शिकायत के बाद जब सीसी फुटेज खंगाली गई तो यह बात सामने आई कि कैमरे बंद होते हैं। इसके बाद तुरंत ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को एसडीएम कार्यालय में तलब कर लिया गया।
सभी के बयान लेने के पश्चात इसकी छानबीन शुरू की गई। मामले में दो कर्मचारियों को पहले चार्जशीट किया गया था। अब इन दोनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में पुजारी गीता राम को सस्पेंड किया गया है जबकि दो अस्थाई कर्मचारी बलवान और श्रवण को बर्खास्त कर किया गया।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कुछ दिन पहले की गई है लेकिन बुधवार को इसका खुलासा हुआ। एक कर्मचारी के निलंबन व दो कर्मियों की बर्खास्तगी की पुष्टि डीसी बीसी बडालिया ने की है। उन्होंने संपर्क करने पर बताया कि मंदिर के का नियमित कर्मचारी सस्पेंड किए गए हैं। जबकि दो अस्थायी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।