बहुचर्चित फर्जी डीओ मामले के मुख्य आरोपी एवं एनएसयूआई के पूर्व नेता संजय गुलेरिया को बिलासपुर की ओर भागते हुए टॉलैंड में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गुलेरिया पर फर्जी डीओ के अलावा दिल्ली हिमाचल भवन में कांग्रेस विधायक के नाम पर कमरे की फर्जी बुकिंग कराने का मामला दर्ज है।
फर्जी डीओ मामले में कोर्ट से जमानत के बाद पुलिस दूसरे मामले में गुलेरिया को गिरफ्तार करती लेकिन यह करीब आठ महीने से फरार था।
कई फर्जीवाड़े करने के हैं आरोप
अब तक की जांच में सामने आया है किबिलासपुर के कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर के नाम पर संजय गुलेरिया ने जाली दस्तावेज प्रदेश सचिवालय को भेजा।
इसमें हिमाचल भवन में कमरा बुक करवाने का आग्रह किया गया था। इतना ही नहीं, खुद को विधायक का निजी सचिव भी बताया। सचिवालय से भी विधायक के नाम पर हिमाचल भवन में कमरा बुक कर दिया गया।
आरोपी मजे से विधायक के नाम पर जारी हुए कमरे में ठहरा हुआ था। एसएचओ छोटा शिमला विक्रम की अगुवाई में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सीएम ऑफिस से चुराए थे डीओ
मुख्यमंत्री कार्यालय से क्रमांक संख्या 64 से 100 नंबर तक के डीओ चोरी होने के आरोप में भी संजय गुलेरिया को गिरफ्तार किया गया था।
इसमें पैसे लेकर आरोपी ने कई कर्मचारियों के तबादले करवाए। इनमें सबसे अधिक शिक्षा महकमे के थे। इतना ही नहीं, फर्जी डीओ पर आरोपी नौकरी का झांसा देने का काम भी कर रहा था।