हिमाचल के ऊना की मोबाइल रिचार्ज कंपनी ईजी मोबाइल रिचार्ज के खाते से हुई चालीस लाख की जालसाजी की जांच अब सीआईडी करेगी। मंगलवार को पीड़ित कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय में ऊना पुलिस की कार्यशैली की शिकायत की थी।
मामले में एफआईआर दर्ज होने के 28 दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर मुख्यालय ने जांच को ट्रांसफर करने के आदेश दिए हैं। ऊना की मालविका की ईजी मोबाइल रिचार्ज नाम से ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज कंपनी है।
29 जून को कंपनी ने ऊना पुलिस से शिकायत की कि ऑनलाइन फ्रॉड कर उनकी कंपनी के वॉलेट से चालीस लाख दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए। शुरुआती जांच में धोखाधड़ी करने वालों की लोकेशन हरियाणा के फतेहाबाद में पता चली।
इस बीच रिचार्ज कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को पैसा जिस अकाउंट में ट्रांसफर हुआ, इसकी जानकारी मुहैया करा दी। इसके अलावा इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबरों की भी जानकारी दी। जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की।
लेकिन एफआईआर दर्ज होने और जानकारी मिलने के 28 दिन बाद भी पुलिस ने न तो किसी से पूछताछ की और न ही अब तक कोई गिरफ्तारी हो सकी है। उधर, परेशान कंपनी के अधिकारियों ने लगातार पुलिस से मामले में कार्रवाई की अपील की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों से मुलाकात की।
मामले से जुड़े पक्ष के लोगों ने अब तक कोई कार्रवाई न होने की बात कही थी। चूंकि, मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा है और स्थानीय पुलिस इसमें उतनी दक्षता के साथ जांच नहीं कर पा रही थी। इसलिए मामले की जांच सीआईडी से कराने को कहा गया है।- एपी सिद्दीकी, एडीजीपी पुलिस मुख्यालय