राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम ने छवि खराब करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इन लोगों ने निगम पर सब स्टैंडर्ड और कम कीमत के वेंटिलेटर मंहगे दामों पर खरीदने के झूठे व निराधार आरोप लगाए हैं। आरोपों में कहा कि निगम ने वेंटिलेटर 10,29,840 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदे हैं, जबकि निजी क्षेत्र में इनकी कीमत 3.50 लाख है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि एचपीएसईडीसी ने वेंटिलेटर की ऐसी कोई खरीद नहीं की है। उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिन्होंने एचपीएसईडीसी पर झूठे आरोप लगाए हैं।
बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय के स्तर पर वेंटिलेटर की खरीद को विभिन्न समितियों का गठन किया गया था। वेंटिलेटर की खरीद से पहले वेंटिलेटर की दरों और मानकों का अध्ययन जीईएम पोर्टल पर किया गया था। समिति ने अन्य राज्यों की ओर से वेंटिलेटर खरीद को अपनाई गई प्रक्रिया का भी अध्ययन किया था। उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर दरों और तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए खरीदे गए थे। वेंटिलेटर की खरीद में पारदर्शिता का पूरा पालन किया गया है।