शिमला के साथ लगते कुफरी के पास गलू में शुक्रवार रात एक नेपाली मूल के व्यक्ति की हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह नेपाली का शव उसी के अस्थायी डेरे के पास संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। ठियोग और फागू से पुलिस दलों ने मौके पर जाकर शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू की।
जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय मोहन भंडारी उर्फ नेता नामक यह नेपाली पांच महीनों से गलू कलां के लायकराम नामक किसान के पास रहता था और दिहाड़ी पर काम करता था। शुक्रवार रात को उसकी दो साथियों के साथ कहासुनी हो गई। इसके बाद मारपीट हो गई। मारपीट के वक्त एक नेपाली रात को ही कहीं भाग गया, जबकि मोहन भंडारी नेपाली शनिवार सुबह मृत हालत में सामने खेत में पड़ा मिला।
उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल था। पुलिस की ओर से छानबीन के बाद मृतक के शरीर पर मारपीट के निशान होने से यह आशंका जताई गई कि इसकी मौत मारपीट से हुई है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। घायल नेपाली को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ठियोग लाया है।
पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को मामले में पूछताछ के लिए थाने तलब किया है। घायल नेपाली से भी मामले को लेकर पूछताछ हो रही है। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप धवल और डीएसपी ठियोग रत्न नेगी की अगुवाई में टीम देर शाम तक जांच में जुटी थी।