सिरमौरी खड्ड में अगस्त महीने में हुई नेत्र और बबली की संदिग्ध मृत्यु का मामला अभी अनसुलझा है। पुलिस की जांच से खफा ग्रामीणों और परिजनों ने इस मामले की जांच सीआईडी से कराने की गुहार लगाई है। संदिग्ध अवस्था में मिले शवों की अलग-अलग जांच रिपोर्ट आने तथा पुलिस कार्रवाई से परिजन अभी भी असमंजस में है।
नग्न अवस्था में मिले लापता युवक-युवती के शव
बुधवार को सतौन एवं शिलाई के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल पांवटा विश्रामगृह में रोजगार सृजन एवं वित्तीय संसाधन बोर्ड के चेयरमैन हर्ष वर्धन चौहान से मिला तथा शवों का मामला अनसुलझा होने पर सीआईडी जांच की गुहार लगाई। इसके बाद ग्रामीण एवं परिजन कंवर ठाकुर, जयसिंह, विनोद, तोताराम, गुलाब, प्रेमचंद, बारूराम, अनिल, खत्रीराम, दिनेश, अमित, बलवीर, जगत, जोगेंद्र, मदन आदि एसडीएम पांवटा व एसएचओ पांवटा से मिले।
उन्हें ज्ञापन सौंप कर मामले की गहन जांच की गुहार लगाई। परिजनों को शक है कि परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा कर रही है लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी हत्या का मामला दर्ज नहीं हुआ है। पीड़ित परिजनों एवं ग्रामीणों को हैरानी है कि जिन व्यक्तियों से पूछताछ करने की मांग की थी, पुलिस ने उसने कुछ नहीं पूछा।
उन्होंने बताया कि अगर पुलिस ने सात दिनों के भीतर जांच में कोई सकारात्मक नतीजे नहीं निकाले, तो गिरिपार क्षेत्र की जनता न्याय के लिए एनएच को जाम कर देगी। ग्रामीणों ने एसडीएम शिलाई, पांवटा और उपायुक्त कार्यालय पर धरना देने की भी चेतावनी दी है।