हिमाचल में खनन माफिया दबंगई पर उतर आया है। प्रशासनिक अधिकारियों को तलवारों से धमकाकर पंजाब के दर्जनों लोग सीज किए गए दो ट्रैक्टर और जेसीबी को लेकर फरार हो गए। यह घटना मंगलवार देर रात करीब 11 बजे नालागढ़ उपमंडल के पंजाब सीमा से सटे क्षेत्र में हुई। दभोटा पुलिस, एसडीएम और नायब तहसीलदार देखते ही रह गए। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना मंगलवार देर रात को करीब 11 बजे हुई।
एसडीएम हरिकेश मीणा को फोन पर सूचना मिली कि पंजाब सीमा से सटे नालागढ़ उपमंडल के दभोटा के माजरा बसोट और नवांग्राम में अवैध खनन हो रहा है। इस पर एसडीएम अपने गनमैन के साथ मौके पर पहुंचे। तीन जेसीबी और एक दर्जन ट्रैक्टर खनन कार्य में लगे थे। एसडीएम के वाहन को देखकर कुछ लोग दो जेसीबी और 9 ट्रैक्टर को लेकर भाग निकले।
एसडीएम ने दो ट्रैक्टर और एक जेसीबी को रोक लिया। उन्होंने दभोटा पुलिस और नायब तहीसलदार ठाकुर दास नेगी को भी मौके पर बुलाया। एसडीएम ने पुलिस को इन दोनों ट्रैक्टरों और जेबीसी को सीज करने के लिए कहा। इस बीच, वह अपने गन मैन को भी मौके पर छोड़ कर स्वयं वह नालागढ़ की ओर रवाना हो गए।
तलवारें लहराईं, कहा- यहां न जेसीबी रहेगी, ट्रैक्टर
एसडीएम मौके से कुछ दूर ही पहुंचे थे कि पंजाब के एक क्षेत्र प्रधान ने लोगों को भड़का दिया और तलवारें हवा में लहरा कर कहा कि न तो कोई जेसीबी यहां रहेगी न ही ट्रैक्टर। इस बीच काफी लोग एकत्रित हो गए। नायब तहसीलदार और पुलिस ने एसडीएम को सूचित किया, लेकिन जब तक दोबारा एसडीएम मौके पर आए, तब तक ये लोग पंजाब की सीमा पार कर चुके थे।
पुलिस में तुलना में ज्यादा थे माफिया के लोग- एसडीएम ने बताया कि तीन वाहनों को सीज करने के बाद वह नालागढ़ की ओर जा रहे थे। फोन पर सूचना मिली कि खनन माफिया के लोग जेसीबी और ट्रैक्टर को लेकर फरार हो गए हैं। पुलिस की तुलना में वे काफी लोग थे। उधर, एसपी बिशेर सिंह ने बताया कि पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 353, 186,189, 506 और माइनिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।