उत्तर प्रदेश में दियोरिया (पीलीभीत) के गांव बिहारीपुर हीरा की साप्ताहिक बाजार में टेंपों से उतरे दो लोगों ने नौगवां नवीनगर के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान रामपाल गंगवार की गोली मारकर हत्या कर दी।
एक गोली सीने और दूसरी गोली हाथ में लगने से उनकी मौके पर मौत हो गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से बाजार में भगदड़ मच गई। प्रधान को मौत के घाट उतारने के बाद हमलावर तमंचा लहराते पैदल भाग निकले।
घर वाले चुनावी रंजिश के चलते हत्या होने की बात दबी जुबान से कह रहे हैं, लेकिन देर शाम तक परिवार वालों ने इस मामले में कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी थी।
सूचना पर तीन थानों की पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सीओ ब्रह्मपाल सिंह ने भी घटना स्थल का निरीक्षण कर कोतवाली पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
टेंपो से उतरे दो लोगों ने निकाला तमंचा
कोतवाली क्षेत्र के गांव बिहारीपुर हीरा निवासी हरस्वरूप गंगवार ने बताया कि उनका भाई 35 वर्षीय रामपाल गांव के ही गया प्रसाद और कालीचरन के साथ बाइक से बीसलपुर गया था।
वापस लौटते समय शाम करीब पौने चार बजे गांव बिहारीपुर हीरा की साप्ताहिक बाजार में सब्जी खरीदने के लिए गया प्रसाद और कालीचरन ने बाइक रुकवा ली और सब्जी आदि खरीदने की बात कहकर बाजार में चले गए।
प्रधान रामपाल सड़क पर बाइक खड़ी कर दोनों के आने की प्रतीक्षा करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी बीच बीसलपुर से दियोरिया जा रहे एक टेंपो से दो लोग उतरे। दोनों को उतारने के बाद टेंपो अन्य सवारियां लेकर दियोरिया की ओर चला गया।
बताते हैं कि टेंपो से उतरे दोनों प्रधान रामपाल के नजदीक पहुंचे और गोट में छिपा तमंचा निकाल दोनों ने दो गोलियां सटाकर मार दीं। इसमें से एक गोली रामपाल के सीने और दूसरी दाहिने हाथ को भेदती हुई बाईं कनपटी में जा धंसी। जिससे रामपाल की मौके पर ही मौत हो गई।
गोलियों की आवाज से मची भगदड़
गोलियों की तड़तड़ाहट से बाजार में भगदड़ मच गई। हत्या करने के बाद आरोपी तमंचा लहराते हुए पूरब दिशा में स्थित गन्ने के खेत में घुस गए और फरार हो गए। लोगों में दहशत इस कदर व्याप्त हो गई कि किसी की भी बोलने की हिम्मत नहीं पड़ी।
हॉट में दुकान लगाने वाले दुकानदार भी दुकानें समेट कर भागने लगे। सूचना पर मृतक के घर वाले और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
इधर, नवनिर्वाचित प्रधान की हत्या की खबर मिलने से पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए। सीओ ब्रह्मपाल सिंह बीसलपुर कोतवाली पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया है।
सीओ के मुताबिक देर सायं तक परिवार वालों ने घटना की तहरीर पुलिस को नहीं दी थी। सीओ ने बताया कि परिवार के लोग चुनावी रंजिश के चलते हत्या होने की बात तो दबी जुबान में कह रहे हैं, लेकिन हत्या क्यों और किसने की? हत्यारों से किस बात को लेकर रंजिश थी? आदि पर कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि परिवार वाले अभी भयभीत हैं। सीओ ने बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए उनके नेतृत्व में एसओ बिलसंडा, एसओ बीसलपुर और एसओ बरखेड़ा की तीन टीमें बनाई गई हैं। इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश की जा रही है।