सरकारी भूमि पर कब्जा करने के आरोप में घिरे राज्य के पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास के मामले में सरकारी अफसर गवाह बनाए गए हैं।
22 अप्रैल को ये अफसर नगर निगम के सहायक आयुक्त कोर्ट में गवाही देंगे। बुधवार को पूर्व डीजीपी की ओर से निगम द्वारा की गई पैमाइश पर जवाब दे दिया गया है।
मार्च में नगर निगम ने डीएस मन्हास को भवन की पैमाइश रिपोर्ट सौंपी थी। पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास के भवन की राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की है।
तहसीलदार शिमला शहरी की अगुवाई में गई टीम ने फीते से जमीन नापी है। पूर्व डीजीपी पर नवबहार स्थित मकान के पास सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप है।
निगम के मुताबिक पूर्व डीजीपी ने 959 वर्ग मीटर की बाउंड्री वॉल नगर निगम की भूमि पर बनाई है। पब्लिक प्रीमिसिस एक्ट 1971 में पूर्व डीजीपी पर कार्रवाई की जा रही है।
सहायक आयुक्त कोर्ट में इस बाबत मामला चल रहा है। 12 मार्च को सहायक आयुक्त की कोर्ट में पूर्व डीजीपी के गवाह पेश हुए थे। अब 22 अप्रैल को सरकारी गवाहों की पेशी होगी।