बागवानों को लूट से बचाने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार की शुरुआत की गई है। इसमें किसान अपनी फसल ऑनलाइन बेच सकते हैं। उसकी पेमेंट भी उसी दिन उनके खाते में डाली जाती है। ऑनलाइन कारोबार में सोलन की कृषि उपज मंडी देश में पहले स्थान पर है। इसे मॉडल मंडी बनाया गया है। यहां के कर्मचारी किसानों और बागवानों को जागरूक भी कर रहे हैं।
सेब सीजन के लिए तैयारियां शुरू
प्रदेश में सेब सीजन शुरू होने वाला है। जुलाई के शुरू में सोलन में सेब पहुंचना शुरू हो जाता है। इन दिनों सेब व्यापारियों के कारोबार करने के लिए लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। सेब मंडी की जमीन को मंडी समिति मलबा डालकर खुला कर रही है। इसे समतल किया जाएगा। रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी। पानी-बिजली का भी प्रबंध किया जा रहा है। शेडों को भी ठीक किया जाएगा।
पुलिस को दी है मामले की शिकायत
मंडी समिति के सचिव प्रकाश कश्यप ने बताया कि सोलन मंडी के 19 और परवाणू सेब मंडी के 18 डिफाल्टर व्यापारियों के लाइसेंस नहीं बनाए गए हैं। उक्त कारोबारियों ने बागवानों के लाखों का भुगतान नहीं किया है। समिति ने पुलिस को शिकायत दी है। सोलन की मंडी से किसान ई-कृषि बाजार के माध्यम से अपनी फसल बेच सकते हैं। इसमें बागवानों के साथ धोखाधड़ी नहीं की जा सकती है।