सदर पुलिस थाने में शिकायतकर्ता जिला कोषाधिकारी जगदीश शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को एक शख्स उनके कार्यालय आया और कहा कि मैं जग्गन नाथ हूं, मेरे जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन करें। उसकी बात सुनकर शक हुआ और उससे उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड मांगा।
इस पर शातिर ने कहा कि मैं अभी लाकर देता हूं। जैसे ही शातिर कागजात लेने कार्यालय से बाहर गया शर्मा ने जग्गननाथ की पेंशन की फाइल निकाली, इसमें किसी और की फोटो लगी थी। इसके बाद राजभवन फोन किया जहां जग्गननाथ कार्यरत थे।
राजभवन से पता चला कि इनकी मौत 20 अप्रैल 2014 को हो चुकी है। कागजात लेने गया शातिर वापस नहीं आया। इस पर पुलिस थाना में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।