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दराट से हत्या करने वाले सगे भाइयों को मिली उम्रकैद

Thu, 14 Apr 2016 08:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
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2014 में हुए हत्याकांड के तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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हिमाचल के जिला ऊना के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास भारद्वाज की अदालत ने हरोली उपमंडल के बालीवाल में वर्ष 2014 में हुए हत्याकांड के तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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जिला न्यायवादी अरविंद कुमार नड्डा ने बताया कि दोषियों में हरजिंद्र सिंह उर्फ निम्मा और साधू सिंह उर्फ साधी दोनों सगे भाई हैं, जो बालीवाल के ही रहने वाले हैं। जबकि, तीसरा दोषी रमेश उनका ट्रक चालक है जो नेपाल के सुरसारी जिले के तहत पड़ते हरिपुर का रहने वाला है। नड्डा ने बताया कि निम्मा और साधी के घर उनके दो भांजे रहते थे, जो वहीं पले और बढ़े थे।

उनके माता-पिता की मौत पहले ही हो चुकी है। इन्हीं भांजों में से एक सुखविंद्र सिंह ने अपने मामा की साली से प्रेम विवाह करवा लिया था, जिसे लेकर उसके मामा और उसमें विरोध पैदा हो गया था। 18 मार्च 2014 को सुखविंद्र सिंह अपने दो दोस्तों कुलविंद्र सिंह निवासी पूबोवाल और दलजीत सिंह निवासी औजले को लेकर बालीवाल स्थित अपनी नानी से मिलने गया था, जहां उसका उसके मामा निम्मा और साधी के साथ फिर विवाद हो गया।
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यहां निम्मा, साधी और रमेश, सुखविंद्र तथा उसके दोस्तों से मारपीट पर उतारू हो गए। इसके चलते सुखविंद्र ने वहां से निकलने में ही भलाई समझी, लेकिन बालीवाल स्कूल के पास कुलविंद्र सिंह का पर्स गिर गया। सुखविंद्र, दलजीत और कुलविंद्र पर्स खोजने लग गए। इसी दौरान निम्मा, साधी और रमेश भी मौके पर आ पहुंचे। निम्मा ने दराट, साधी ने लाठी और रमेश ने लात घूंसों से तीनों पर हमला कर दिया।

इसमें तीनों युवक घायल हो गए। हमले के दौरान सुखविंद्र और कुलविंद्र मौके से भागने में कामयाब रहे। लेकिन दलजीत की गर्दन पर दराट का जोरदार वार लगने के कारण वह वहीं गिर पड़ा और मौके पर ही दम तोड़ दिया। मामले के संबंध में हरोली पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद घटना की जांच शुरू की गई। अरविंद कुमार नड्डा ने अभियोजन पक्ष की ओर से 28 गवाह भी पेश किए गए।

दोषी अपनी ओर से कोई गवाह पेश न कर सके। नड्डा ने बताया कि न्यायाधीश विकास भारद्वाज ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए धारा 302 तथा अन्य धाराओं के तहत उम्रकैद और जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। दोषियों से वसूले जाने वाले जुर्माने में से 30 हजार रुपये मृतक के परिजनों को, 10 हजार रुपये घायल सुखविंद्र सिंह और 5 हजार रुपये घायल कुलविंद्र सिंह को देने के निर्देश दिए गए हैं।
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