कुफरी के गलू में नेपाली ठेकेदार की हत्या के मामले में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के तीन छात्रों के नाम भी सामने आ रहे हैं। कत्ल में कुल सात लोग बताए जा रहे हैं। इनमें से दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने फिलहाल तीन आरोपियों को नामजद किया है, बाकी फरार हैं। इनमें से एक नेपाली भी है। उसकी भी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक जरा सी कहासुनी के बाद नेपाली ठेकेदार को इतना पीटा गया कि उसकी जान निकल गई। इससे पहले कि आरोपी नेपाली के शव को ठिकाने लगा पाते, स्थानीय लोगों ने झगड़े की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने मौके पर पाया कि यहां झगड़ा नहीं बल्कि कत्ल हुआ है। तफ्तीश में एक के बाद एक परतें खुलती गईं।
पुलिस को दिए बयान में कुशाल बहादुर ने कहा कि वह और उसके पिता भीम बहादुर लायक राम के खेतों में फरवरी 2015 से काम कर रहे थे। 30 अक्तूबर को शाम साढ़े सात बजे लायक राम उनके क्वार्टर में आया और तुरंत क्वार्टर खाली करने के लिए कहा। उसे इस बात से नाराजगी थी कि वह बाहर भी मजदूरी करते थे।
इस बात को लेकर विवाद हुआ। जिस पर वह क्वार्टर खाली कर मोहन भंडारी के घर की ओर जाने लगे। जब वह जा रहे थे तो रास्ते में पदम सिंह, पुनीत, सुनील और अन्य स्थानीय लोगों ने उन पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में उसे गंभीर चोटें आई हैं और मोहन लाल भंडारी की मौत हो गई।
एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपी फरार हैं इनमें आईएचएम के तीन छात्रों के नाम भी सामने आ रहे हैं। पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है।