शहर के मुख्य बड़े-बड़े अपार्टमेंट्स में बिजली कनेक्शन के आवंटन में गड़बड़झाले का अंदेशा है। बिजली कनेक्शन जारी करने को लेकर बोर्ड के कुछ अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। आला अधिकारियों को शिकायतें मिली हैं कि नियमों को ताक पर रखकर मिलीभगत से बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं।
शिकायत मिलने के बाद बिजली बोर्ड ने जांच बैठा दी है। जांच में मुख्य अपार्टमेंट के मालिकों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के साथ-साथ बिजली कनेक्शन लेते वक्त दी गई एनओसी तलब की है। यदि तय समय के भीतर नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो बिजली बोर्ड संबंधित अपार्टमेंट में विवादित बिजली कनेक्शनों को काट सकता है।
बिल्डरों पर यह लगे आरोप
--एक मामले में आरोप है कि नगर परिषद की तरफ से अतिक्रमण और अनियमितताओं से घिरे अपार्टमेंट को घरेलू और बिजली के कनेक्शन जारी कर दिए गए। इन पर अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर/ सड़क पर कब्जा करने पर नगर परिषद अधिनियम 211 के तहत नोटिस जारी किए गए थे।
-- एक मामले में आरोप है कि विद्युत बोर्ड द्वारा धरातल मंजिल की एनओसी के आधार पर चार व्यक्तियों के नाम पर बुहमंजिला इमारत में बिजली के कनेक्शन आवंटित कर दिए गए। जिससे नगर परिषद को लाखों का घाटा हो रहा है। वहीं एक अन्य मामले में
आरोप है कि नगर परिषद और नगर नियोजन विभाग की तरफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र एक मंजिला का लिया गया और कनेक्शन पांच मंजिला तक जारी कर दिए गए। यहीं नहीं कुछ मामलों में आरोप है कि घरेलू कनेक्शन पर व्यावसायिक कार्य हो रहे हैं।