शिमला में लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त एक अधिकारी से पंद्रह लाख से अधिक रकम ऐंठने के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी करनदीप वर्मा को दिल्ली के रोहणी इलाके से पकड़ा गया। पुलिस को बीते छह माह से इसकी तलाश थी।
इस मामले में चार आरोपियों को पहले ही पुलिस पकड़ चुकी है। सब इंस्पेक्टर दीपक ठाकुर की टीम के हाथ यह सफलता लगी है। आरोपी करनदीप के खिलाफ बिलासपुर में भी एक व्यक्ति के साथ 15 लाख की ठगी करने का मुकदमा दर्ज है इसके अलावा राजस्थान और गुजरात में भी आधा दर्जन मुकदमे हैं।
इनका एक संगठित गिरोह है जो लोगों को कॉल कर उन्हें इंश्योरेंस में बोनस का झांसा देकर जाल में फंसाते हैं। आरोपियों ने अलग अलग बैंकों में फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोल रखे हैं।
जिसमें वह अपने शिकार को टैक्स के नाम पर और अलग अलग तरीके से बेवकूफ बनाकर कर पैसा डालने के लिए कहते हैं। ज्यादातर लोग इनके झांसे में नहीं आते जो आते हैं वह अपनी जीवन भर की पूंजी लुटा बैठते हैं।
रिटायर्ड अफसर को ऐसे फंसाया था जाल में
शिमला के संजौली के रहने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी के मोबाइल पर बीते साल शातिर ने कॉल किया और कहा कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी पर एक करोड़ का बोनस बनता है। यह बोनस आपको मिले इससे पहले आपको कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
यह फोन हर दूसरे या तीसरे दिन किए जाते और अलग अलग लोगों से बात करवाई जाती। पीड़ित से कहा गया कि उन्हें टैक्स भरना होगा। पहले दो लाख , फिर तीन लाख , अलग अलग खातों में जमा करवाएं गए।
इस तरह पीड़ित से 15 लाख 56000 हजार ऐंठ लिए गए। इसके बाद पीड़ित से फिर से पैसे की डिमांड की गई तब जाकर उसे पता चला कि वह ठगों के चुंगल में फंस गया है। इसके बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया।
फर्जी कंपनियों से खोले हैं खाते
पीड़ित ने जिन बैंक खातों में पैसे जमा करवाए थे उसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई। जांच के दौरान पाया गया कि यह खाते फर्जी कंपनियों के नाम से जाली दस्तावेजों पर खोले गए हैं। इन कंपनियों का कहीं कोई अस्तित्व ही नहीं है।
हरियाणा के करनाल और फिल्लौर में यह खाते खुले हुए थे। इन खातों से जुड़े चार लोगों को पुलिस पकड़ पाने में कामयाब रही। आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला कि करनदीप वर्मा इस मामले की अह्म कड़ी हैं।
छह महीने से पुलिस को दे रहा था गच्चा
आरोपी करनदीप वर्मा पिछले छह महीने से पुलिस को गच्चा दे रहा था। इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है और कॉल कर लोगों को बेवकूफ बनाकर पैसे ऐंठना ही इनका काम है।
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए यह हमेशा अपना ठिकाना बदलते रहते हैं और किराये के मकान में रहते हैं। जरा सी भनक लगते ही ठिकाना छोड़ कर फरार हो जाते हैं। लिहाजा उन्हें पकड़ पाना पुलिस के लिए काफी चुनौती पूर्ण रहता है। संजौली पुलिस ने यह कर दिखाया है।
दिल्ली से धरा है करनदीप : नेगी
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि लाखों की ठगी के मामले में दिल्ली से करनदीप वर्मा को पकड़ा गया है। इसके खिलाफ राजस्थान , गुजरात में भी ठगी के कई मामले हैं। बिलासपुर में भी इसने लाखों की ठगी की है। इससे पूछताछ की जा रही है।