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पुलिस की रेड, नशे की खेप के साथ भारी मात्रा में हथियार पकड़े

Tue, 12 Jul 2016 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डमटाल (कांगड़ा)
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नशे की खेप के साथ पकड़े गए हथियार - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के जिला कांगड़ा के तहत इंदौरा बैरियर के नजदीक एक घर से नशे की भारी खेप सहित एक देसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और कुछेक खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। नशे के खिलाफ जिला कांगड़ा पुलिस की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।
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आरोपी के घर से एक देसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और कुछेक खाली कारतूस के अलावा पुलिस ने कोरेक्स की नशीली दवाई की 526 गोलियां, 312 ग्राम चरस, 4.29 ग्राम स्मैक भी बरामद की है। नशे की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद पुलिस आरोपी के तार पठानकोट आतंकी हमले से भी जोड़ रही है।

हालांकि, पूरी असलियत तथ्यों को खंगालने के बाद ही पता चल पाएगी। लेकिन, इस मामले ने पुलिस को पसोपेश में डाल दिया है। इतनी ज्यादा मात्रा में जिंदा कारतूस मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है।
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स्कूलों को की जा रही थी नशे की सप्लाई

पता चला है कि आरोपी इलाके के नामी स्कूलों और यूनिवर्सिटी में भी नशीले पदार्थ सप्लाई कर रहा था। पकड़ी गई खेप को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मंड और इंदौरा में नशे के खिलाफ अभियान के दौरान छापामारी की है। आरोपी शीतल इंदौरा का रहने वाला है।

यह हर बार आरोपी स्थानीय पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहता था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया। धर्मशाला से एक स्पेशल टीम का गठन कर घर में रेड कर आरोपी को नशे की खेप और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। 
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पठानकोट आतंकी हमले से तो नहीं जुड़े हैं तार

इंदौरा थाने के तहत इंदौरा बैरियर के नजदीक एक घर से नशे की भारी खेप के साथ एक देसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और कुछेक खाली कारतूसों के साथ गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति के मामले के तार कहीं पठानकोट आतंकी हमले से तो जुड़े नहीं हैं।

यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है कि पुलिस को आरोपी के पास जो जिंदा कारतूस मिले हैं, वे या तो सेना के पास होते हैं या पुलिस के पास। प्रारंभिक जांच के दौरान कांगड़ा जिला पुलिस भी पसोपेश में है। दरअसल, आरोपी के पास से करीब 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

सूत्रों की मानें तो ये जिंदा कारतूस या तो सेना के पास होते हैं या पुलिस के पास। अब सवाल यह उठता है कि जब ये जिंदा कारतूस होते ही सेना या पुलिस के पास हैं तो ये कारतूस आरोपी के पास कैसे आए? क्या ये कारतूस सेना या पुलिस ने आरोपी को अवैध तरीके से बेचे या आरोपी ने ये कारतूस पुलिस या सेना के पास से चुराए?

या फिर इन कारतूसों का संबंध की किसी आतंकी वारदात से तो नहीं? सवाल कई हैं, जिनके जवाब पुलिस तलाशने में जुट गई है। सभी सवालों को जवाब पुलिस को आरोपी से रिमांड के दौरान मिलने की उम्मीद है। एसपी संजीव गांधी का कहना है कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच की जा रही है। जांच के बाद ही किसी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

एसपी संजीव गांधी ने बताया कि आरोपी शीतल क्षेत्र में पिछले काफी अरसे से नशे के अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था। इस पर पहले भी केस चल रहे हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा रही है। धर्मशाला से एक स्पेशल टीम आरोपी को पकड़ने के लिए भेजी गई थी।
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