हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) पर दर्ज दूसरी एफआईआर की चार्जशीट में एक और आईएएस अधिकारी जांच के दायरे में आ गए हैं। 2008 में कांगड़ा के डीसी रहे केके पंत के खिलाफ विजिलेंस ने अभियोजन की मंजूरी मांगी है।
पंत इस समय भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। पंत से विजिलेंस पूछताछ कर चुकी है। नई बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल केस में मुख्य आरोपी नहीं हैं।
इसमें अनुराग ठाकुर समेत कुल 9 लोग शामिल किए गए हैं। चार्जशीट में धर्मशाला कॉलेज के दो पूर्व प्रिंसिपल, पूर्व उच्च शिक्षा उपनिदेशक, पीडब्ल्यूडी के रिटायर एक्सईएन एवं एसडीओ और एचपीसीए पदाधिकारी शामिल हैं।
आज गृह विभाग को सौंपी जाएगी फाइल
विजिलेंस वीरवार को फाइल गृह विभाग को सौंप देगी। इसके बाद गृह विभाग को देखना है कि भारत सरकार में सेवाएं दे रहे केके पंत के खिलाफ अभियोजन मंजूरी किस प्रक्रिया के तहत ली जानी है।
विजिलेंस ने एचपीसीए पर दर्ज इस एफआईआर में धर्मशाला स्टेडियम के साथ बने शिक्षा विभाग के स्टाफ र्क्वाटरों को गिराने और 720 वर्ग मीटर इस भूमि पर कब्जा करने के आरोप लगाए थे।
इस बारे में डीसी कांगड़ा रहे केके पंत ने 4 अप्रैल 2008 को धर्मशाला में बैठक की थी। एडीजीपी विजिलेंस पृथ्वीराज ने बताया कि गुरुवार को मामला अभियोजन मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जा रहा है।
अब तक 4 आईएएस जांच के दायरे में
एचपीसीए केस में अब तक चार आईएएस अफसर विजिलेंस जांच के दायरे में हैं।
गृह विभाग के निर्देश पर विजिलेंस मुख्यालय से पूछा गया था कि इस केस में धर्मशाला में कितने आईएएस अफसरों के खिलाफ जांच लंबित है?
विजिलेंस ने जवाब में दीपक सानन, आरएस गुप्ता (अब रिटायर), अजय शर्मा और केके पंत के नाम भेजे हैं।