विशेष न्यायाधीश सीबीआई भूपेश शर्मा की अदालत ने बीएसएनएल के चार अधिकारियों सहित 10 आरोपियों को ऑप्टिकल फाइबर केबल मामले में दंडित किया है। कोर्ट ने इस मामले में सभी दोषियों को कैथू जेल भेजा है। दोषियों में एसडीई मनमोहन सिंह, एसडीई दयाचंद, जेटीओ एम जितेंद्र और आशुतोष बीएसएनएल के अधिकारियों में शुमार हैं।
इनके अलावा छह ठेकेदार कमल सिंह, संजीव कुमार शर्मा, भूपिंद्र मिन्हास, दिगंबर सिंह, सतींद्र छिब्बर और धर्र्मेंद्र सिंह हैं। यह जानकारी सीबीआई शिमला के पुलिस अधीक्षक डा. अरमानदीप सिंह ने दी है। एसपी डा. अरमान ने कहा कि जिन मामलों में यह सजा हुई है, उसमें आरोप रहे हैं कि दोषियों ने जिला सोलन और सिरमौर में वर्ष 2009 में ऑप्टिकल फाइबर केबल दबाने में सब स्टैंडर्ड कार्य किया था।
इस बारे में सीबीआई शिमला ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम के तहत वर्ष 2011 में एक मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ छह आरोप पत्र कोर्ट में दायर किए गए थे। सभी छहों चार्जशीटों में शामिल इन आरोपियों को सजा सुनाई गई है। अब यह मामला क्वांटेम ऑफ सेंटेंस पर बहस के लिए 10 दिसंबर 2014 को लगा है। इस मामले की सीबीआई की ओर से पैरवी लोक अभियोजक टीपी नेगी ने की है।