अखिल भारतीय नाथ संप्रदाय के राष्ट्रीय सचिव महंत योगी सूर्यनाथ से मारपीट के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 विकास भारद्वाज की अदालत ने बीडीसी चेयरमैन और प्रधान समेत कुल छह लोगों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी गणेश दत्त निवासी कलरूही, बीडीसी चेयरमैन अंब मस्तान सिंह निवासी पोलियां जसवालां, राकेश चौधरी निवासी आदर्शनगर अंब, रजनीश कुमार उर्फ बिट्टा निवासी आदर्शनगर अंब, प्रधान ग्राम पंचायत कलरूही कुलदीप कुमार निवासी कलरूही व विकास कुमार शर्मा निवासी आदर्शनगर अंब को धारा 147 के तहत 3 माह की कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही एक-एक हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर 15 दिन की साधारण कैद, धारा 148 के तहत 6 माह की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर 15 दिन की साधारण कैद, धारा 323 के तहत 6 माह की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर 15 दिन की साधारण कैद, धारा 341 के तहत एक माह की कैद व 500-500 रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर 5 दिन की साधारण कैद व धारा 384 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर एक माह की साधारण अतिरिक्त कैद भी भुगतनी होगी। अदालत ने इसी मामले में एक दोषी सीता राम निवासी कलरूही को प्रोवेशन ऑफ आफेंडर एक्ट की धारा 4 का लाभ देते हुए 2 वर्ष के बांड पर रिहा करने के आदेश भी सुनाए हैं। उप जिला न्यायवादी एवं विधि अधिकारी एसपी ऑफिस ऊना चंद्रशेखर भाटिया ने सजा की पुष्टि की है।
ये है पूरा मामला
22 जनवरी, 2011 को योगी सूर्यनाथ शिष्य श्रीशंभू नाथ निवासी सप्तदेवी मंदिर किन्नू के साथ मारपीट होने की पुलिस को सूचना एसडीएम अंब ने दी थी। मौके पर पुलिस पहुंची तो योगी सूर्यनाथ को पुलिस ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। योगी सूर्यनाथ 26 दिन उपचाराधीन रहे। योगी सूर्यनाथ ने बताया कि उन्होंने गांव कलरूही के आज्ञा राम पुत्र कांशी राम से जमीन ली थी जिसका 22 जनवरी, 2011 को कलरूही में नायब तहसीलदार ने इंतकाल रखा था।
इस दौरान आज्ञा राम का पुत्र गणेश दत्त भी वहां पहुंच गया और अपने साथ प्रधान सहित अन्य लोगों को लेकर उनके साथ मारपीट करने लगे। योगी सूर्यनाथ पर जमीन को वापस करने के लिए न केवल दबाव डाला बल्कि उन्हें धमकाया भी गया। इसके बाद योगी सूर्यनाथ को दोषी गाड़ी में तहसील अंब ले आए और कागज पर लिखकर जमीन वापस करने की बात कहने लगे। इस दौरान दोषियों ने योगी सूर्यनाथ के साथ लात-घूसों के साथ मारपीट की।