शिमला जिले के कोटखाई में दसवीं की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। 6 जुलाई 2017 को गुड़िया का क्षत-विक्षत शव हलाइला के जंगल में मिलने के बाद मामले की जांच आईजी जैदी की अध्यक्षता वाली एसआईटी को दी गई।
पुलिस ने नेपाली मूल के व्यक्ति सूरज के अलावा पांच अन्य को गिरफ्तार कर मामले को सुलझाने का दावा कर दिया। हालांकि, पुलिस के इस दावे पर कई सवाल भी उठे।
इसी बीच, 18 जुलाई की रात कोटखाई थाने में सूरज की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। पुलिस ने एक अन्य आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज कर दिया। 19 जुलाई को हाईकोर्ट ने गुड़िया व सूरज हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी।
सीबीआई ने 29 अगस्त, 2017 को आईजी जैदी, डीएसपी ठियोग, एसएचओ कोटखाई समेत आठ कर्मचारियों को सूरज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की ओर से पकड़े सभी आरोपियों निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया गया।