हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में तुंगलघाटी की ग्राम पंचायत लागधार में गत रात को बिजली का करंट लगने से एक दंपति की मौत हो गई। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपर्द कर दिया है। जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम रोपड़ू गांव निवासी उमा देवी (50) कपड़े सूखाने के लिए तार पर डाल रही थी।
इसी दौरान उमा देवी बिजली के करंट की चपेट में आई गई। चिल्लाने की आवाज सुन कर पति चमारू राम (55) उसे बचाने के लिए घर से बाहर दौड़ा। करंट लगने से चीख रही पत्नी उमा देवी को तार से छुड़वाने का प्रयास करने लगा। मगर इसी दौरान चमारू राम भी करंट की चपेट में आ गया। करंट से पति-पत्नी की मौके पर मौत हो गई।
विद्युत बोर्ड की लापरवाही से गई जान, केस दर्ज
हादसे के समय मृतक चमारू राम के दोनों बेटे राज कुमार व अमर सिंह घर पर नहीं थे। दोनों बहूओं के चिल्लाने की आवाज सुन कर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक अर्थ के चलते करंट आने की शिकायत विद्युत बोर्ड से की गई थी।
सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनों शवों को कब्जे में जोनल अस्पताल मंडी में पोस्टमार्टम करवाया। जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार मित्र देव ने मृतकों के परिजनों को दस हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है।
मृतक चमारू राम के बेटे अमर सिंह की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने विद्युत बोर्ड के खिलाफ 304ए व 336 के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक मंडी मोहित चावला ने बताया कि मृतक के बेटे की शिकायत पर विद्युत बोर्ड के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया है।उन्होंने बताया कि करंट किसी वजह से आया है। यह तकनीकी जांच का पहलू है।
बिजली बोर्ड की सफाई, पंखे की हुक में शार्ट से हादसा
विद्युत बोर्ड साईगलू उपमंडल के सहायक अभियंता काहन सिंह का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में तकनीकी पहलूओं की छानबीन की गई। जिसमें पाया गया कि हादसा पंखे के हुक से गुजरने वाली वायर के शार्ट होने जाने से पूरा घर अर्थ की चपेट में आ गया था।
इससे ही कपड़े सूखाने की तार में करंट आ गया और यह हादसा हुआ। हालांकि हादसे की पूरी सच्चाई का पता पुलिस द्वारा केस की गहनता से पड़ताल करने के बाद ही चल पाएगा।