रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सुंदरनगर कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ हाईकोर्ट से अभियोजन की मंजूरी मिल गई है। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने एसीजेएम गौरव शर्मा को 40 हजार रुपये लेते पकड़ा था।
अब विजिलेंस ब्यूरो आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर सकेगी। हिमाचल में ऐसा पहली बार होगा जब किसी जज के खिलाफ कोर्ट में भ्रष्टाचार संबंधी मामले में चालान पेश किया जाएगा। एडीजी विजिलेंस डॉ. अतुल वर्मा ने आरोपी जज के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिलने की पुष्टि की है।
विजिलेंस ब्यूरो की मंडी की एक टीम ने 31 जनवरी की रात एसीजेएम सुंदरनगर को चेक बाउंस से जुड़े मामले में उनके सरकारी आवास पर चालीस हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
आरोप था कि जज ने पीडि़त पक्ष को बुलाकर उसके पक्ष में फैसला सुनाने के लिए रकम मांगी थी। मामले की जानकारी पहले शिमला स्थित विजलेंस ब्यूरो मुख्यालय को मिली, जहां से अधिकारियों ने हाईकोर्ट से संपर्क किया।
इसके बाद एक डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में चौदह सदस्यीय टीम ने छापा मारते हुए शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ब्यूरो ने शर्मा के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मांगी थी।