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इतनी हिमाकत, इंस्पेक्शन टीम को कॉलेज में घुसने नहीं दिया

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सोलन स्थित एमएम कॉलेज परिसर के भीतर जांच करने गई राज्य चिकित्सा एवं शिक्षा महकमे की टीम को प्रवेश न करने देना प्रबंधन को महंगा पड़ेगा। सूबे की सरकार ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
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बुधवार को सचिवालय में मीडिया को यह जानकारी सूबे के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने दी। कहा कि इस मामले में सरकार ने स्वास्थ्य महकमे से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।
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28 जून को इंस्पेक्‍शन पर गई थी टीम

हिमाचल सरकार के निर्देश पर 28 जून को चिकित्सा एवं शिक्षा निदेशालय की टीम एमएम मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के लिए गई थी, जिससे सरकार को यह अंदाजा हो सके कि निजी कॉलेज की ओर से एमसीआई के कितने मानक पूरे किये जा रहे हैं।

उस टीम को कॉलेज प्रबंधन ने अंदर ही प्रवेश नहीं करने दिया। गेट से ही बाहर भगा दिया। इसकी सूचना मिलने पर सरकार मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से खफा है।

इस प्रकरण में सूबे के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही कालेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा है।

स्टेट कोटे पर भी विवाद

एमएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें है। इसमें से 150 सीटें स्टेट कोटे की हैं, लेकिन इसकी काउंसलिंग कब होगी, आज तक इसकी सूचना कॉलेज प्रबंधन की ओर से सरकार या चिकित्सा एवं शिक्षा निदेशालय को नहीं दी गई है।

ध्यान रहे कि स्टेट कोटे की सीटों की फीस सरकार द्वारा तय की जाती है। इनकी भी फीस सरकारी मेडिकल कॉलेजों जितनी ही होती है।
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दस्तावेज को लेकर भी विवाद

हिमाचल सरकार ने जब एमएम मेडिकल कालेज को एनओसी दी थी, उस समय यह तय हुआ था कि उसे एचपी यूनिवर्सिटी से संबद्धता लेनी होगी। लेकिन, एमएम मेडिकल कॉलेज ने ऐसा नहीं किया।

कॉलेज प्रबंधन ने एचपी के बजाय एमएम विश्वविद्यालय हरियाणा से संबद्धता ले ली है। इसे लेकर भी नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में भी सरकार जांच करा रही है।
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