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यमन में जारी विद्रोह में हिमाचली जवान की मौत

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यमन में जारी विद्रोह और संघर्ष में हिमाचल के हमीपुर जिले के भोरंज उपमंडल का एक युवक की मौत हो गई। भोरंज के गांव चंबोह का रहने वाला मंजीत सिंह पुत्र प्रकाश चंद मर्चेंट नेवी में मास्टर के पद पर तैनात था। मंजीत सिंह ने वर्ष 2006 में ही मर्चेंट नेवी ज्वाइन की थी।
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मास्टर मंजीत सिंह बीते मार्च माह में ही एक प्राइवेट कंपनी के शिप पर सवार होकर यमन गया था। मंजीत सिंह की पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी तीन साल की जबकि छोटी महज सात माह की है। सैनिक परिवार में जन्में मंजीत के पिता आर्मी से कैप्टन के पद से रिटायर्ड हैं।

वहीं, बड़ा भाई प्रवीण कुमार अभी भी भारतीय सेना में है। हमीरपुर के अवाहदेवी स्थित स्कूल से जमा दो पास करने के बाद मंजीत ने मुंबई से मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था।
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लड़ाई में मारे जा चुके हैं सैकड़ों लोग

यमन में सउदी अरब नीत हवाई हमलों, शिया विद्रोहियों और राष्ट्रपति के वफादार सैनिकों के बीच लड़ाई में दर्जनों बच्चों सहित सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। पिछले तीन हफ्तों में लड़ाई और तेज हुई है। वहां 1700 से ज्यादा लोग इस लड़ाई में जख्मी हुए हैं और एक लाख लोग अपने घरों को छोड़कर जा चुके हैं।

अमर उजाला से टेलीफोन पर मंजीत की पत्नी के भाई इंजीनियर अमित कुमार ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्रालय से इस बारे संपर्क किया है। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने उन्हें पूरी सूचना उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क बना हुआ है। उधर, उपायुक्त हमीरपुर रोहन चंद ठाकुर और एसडीएम भोरंज राकेश शर्मा ने कहा कि उन्हें यमन में मारे गए हमीरपुर के निवासी की कोई जानकारी नहीं है।
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सरकार के दावों पर भी सवाल

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी आए दिन टीवी इंटरव्यू पर चार हजार भारतीयों को यमन से सुरक्षित बाहर निकालने का दावा कर चुकी हैं। लेकिन मंजीत की मौत ने इस दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शव को आईएनएस यमन से जबूती लाया जा रहा है। इसके साथ ही डीसी हमीरपुर को ईमेल कर दी गई है।

उधर, यमन में जारी विद्रोह और संघर्ष में बेटे की मौत हो गई है, लेकिन परिवार के किसी भी सदस्य को इसकी जानकारी नहीं। घर पर सब कुछ सामान्य है। शनिवार को मृतक की पत्नी दिप्ती, पिता प्रकाश चंद और माता संध्या देवी सभी रोजमर्रा के घरेलू काम निपटाने में व्यस्त रहे। कोई खेतों में तो कोई घर के अंदर छोटे-मोटे काम में लगा हुआ था।
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