विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति के साथ लगभग 36 लाख रुपये की ठगी हुई है। मामला हिमाचल के सिरमौर जिले का है। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर गिरिपार क्षेत्र के शिलाई के एक व्यक्ति के साथ लगभग लाखों रुपये की ठगी हुई है।
पंजीकरण शुल्क, बीजा बनाने की औपचारिकताओं एवं भारतीय दूतावास की एनओसी के नाम पर पीड़ित ने विभिन्न किश्तों में कुल 36 लाख रुपये जमा करवाए हैं। पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के लिए धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार पीड़ित जम्मू की एक कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत है। वहीं से उसने तमाम राशि की ऑन लाइन ट्रांजेक्शन की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिलाई के पनोग निवासी प्रवीण पोजटा ने शिकायत दर्ज करवाई है कि वर्ष 2015 में उसने एक वेबसाइट पर विदेश में नौकरी पाने के लिए अपनी योग्यता संबंधी दस्तावेज भरे थे।
दिल्ली की कंपनी ने की ठगी
छह सात महीने के बाद उसे एक कंपनी की वेबसाइट से ईमेल आई। 29 नवंबर 2015 को आई इस ईमेल में कंपनी के प्रोसेस मैनेजर ने संपर्क के लिए बाकायदा अपना नंबर दिया। संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि कैनेडा में नौकरी पाने के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का खर्चा आएगा जिसमें विजा और टिकट आदि भी शामिल बताए गए।
अपने बेहतर भविष्य को देखते हुए प्रवीण इसके लिए राजी हो गए। दस्तावेज जमा करवाने के बाद कंपनी के प्रोसेस मैनेजर ने उन्हें पंजीकरण शुल्क के नाम पर 25,500 रुपये जमा करवाने के लिए कहा। एक दिसंबर को उन्होंने यह राशि जमा करवा दी। उसी दिन चार बजे के बाद उसे एक मेल आई कि कनाडा दूतावास ने उक्त राशि प्राप्त नहीं की है।
लिहाजा, वह 26,500 रुपये ओर जमा करवाए। 25,500 रुपये वापस लिए बगैर उन्होंने दो दिसंबर को यह राशि भी जमा करवा दी। जबकि इसके बाद उससे भारत दूतावास से एनओसी लेने के नाम पर 48,600 रुपये जमा करवाने को कहा गया।
प्रवीण का आरोप है कि इसी तरह उससे कई किश्तों में कुल 36 लाख रुपये लिए गए लेकिन, नौकरी अभी तक नहीं मिली। उन्होंने पुलिस से मामले की उचित छानबीन करने की मांग की है।
उधर, पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक छानबीन के बाद भादंसं की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि छानबीन की जा रही है।