चरस तस्करी का आरोप साबित होने पर अदालत ने दो लोगों को 11 साल की कैद और एक लाख दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश चंबा राजेश तोमर की अदालत ने यह फैसला सुनाया। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी राम सिंह निवासी गांव मडाली डाकघर, तहसील नकोदर, जालंधर और संजू छैंका राम गांव सिमणी, तहसील सलूणी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी जिला उप न्यायवादी राजिंद्र कुमार ने की।
मामला 21 नवंबर 2017 का है। पुलिस टीम ने वाहनों की जांच के लिए चंबा-पठानकोट हाईवे पर तुन्नूहट्टी बैरियर के समीप नाका लगाया था। इसी दौरान एचआरटीसी की बस को तलाशी के लिए रोका गया। पुलिस टीम 25 नंबर सीट पर पहुंची तो यात्री घबरा गया। उसके पास एक सफेद रंग का बैग था। पुलिस ने उक्त बैग की तलाशी ली।
इस दौरान बैग से चरस की खेप पाई गई। जो 3.180 ग्राम बरामद हुई। पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज किया। पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि दूसरे आरोपी संजू ने राम सिंह के साथ मिलकर चरस तस्करी करने का प्रयास किया। इस मामले में 26 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बुधवार को इस मामले को लेकर अदालत ने अपना फैसला सुनाया।