फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर तीन साल कैद

Thu, 16 Jun 2016 02:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
हाईकोर्ट - फोटो : file photo
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले 92 वर्षीय ससुर और 75 वर्षीय सास को दंड स्वरूप 25-25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें जेल भेजने की बजाय जुर्माने की सजा को उचित ठहराया।
विज्ञापन


हालांकि, कोर्ट ने 30 वर्षीय दोषी पति को 3 वर्ष कठोर कारावास और 25 हजार रुपये हर्जाने की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कांगड़ा के 30 अक्तूबर, 2008 के फैसले को पलटते हुए यह सजा सुनाई। न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ के समक्ष सास पुष्पा देवी और ससुर चुनी लाल ने पश्चाताप व्यक्त करते हुए दंड के प्रति नरमी बरतने की गुहार लगाई थी।

 
विज्ञापन

रेणु ने जहर पीकर कर ली थी आत्महत्या

हाईकोर्ट - फोटो : file photo
मामले के अनुसार अगस्त 2002 को राकेश कुमार की शादी रेणु बाला से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद सभी दोषियों ने उसे दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। लगातार प्रताड़ना झेल रही रेणु बाला ने 5 नवंबर, 2004 को जहर पीकर आत्महत्या कर ली।

नूरपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने पर तीनों दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए और 306 के तहत मुकदमा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कांगड़ा स्थित धर्मशाला में चलाया गया, लेकिन उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने दोष साबित करने के लिए कुल 10 गवाह पेश किए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें