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छात्रवृत्ति घोटाला: उच्च शिक्षा निदेशक, अफसरों और कर्मियों के बयान दर्ज

Tue, 15 Jan 2019 05:00 AM IST
ashok chauhan चैतन्य ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
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ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई जांच रिमाइंडर भेजने के बाद भी अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन शिमला पुलिस ने अपने स्तर पर जांच जारी रखी है। पुलिस ने इस मामले में उच्च शिक्षा निदेशक समेत अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं।

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उच्च शिक्षा निदेशक से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन और पैसा जारी होने की प्रक्रिया की जानकारी ली गई है। अब दो दर्जन से ज्यादा निजी शिक्षण संस्थानों और शिक्षा विभाग से छात्रवृत्ति का सारा रिकॉर्ड तलब किया गया है। इस मामले में शिक्षा विभाग ने थाना छोटा शिमला में एफआईआर दर्ज करवाई है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में कथित घोटाला होने के मामले की शुरुआती जांच में शिक्षा विभाग ने 25 से अधिक निजी शिक्षण संस्थानों पर घोटाले का शक जाहिर किया है।
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उच्च शिक्षा निदेशालय में गठित जांच कमेटी के सदस्यों के मुताबिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले एचपीई पास छात्रवृत्ति पोर्टल में कई तरह की खामियां मिली हैं।

जांच टीम का दावा है कि इन खामियों का लाभ उठाते हुए निजी शिक्षण संस्थानों ने फ र्जी दाखिले दिखाकर छात्रों के नाम पर बैंक अकाउंट खोले और सरकारी धनराशि हड़प ली।

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 ऐसे आया मामला

बीते चार साल में 2.38 लाख में से 19,915 छात्रों को चार मोबाइल फ ोन नंबर से जुड़े बैंक खातों में छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी गई। 360 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति चार बैंक खातों में ट्रांसफ र की गई। 5729 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने में तो आधार नंबर का प्रयोग ही नहीं किया गया है।

 साल 2013-14 से लेकर साल 2016-17 तक शिक्षा विभाग ने भी किसी स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाओं की मानीटरिंग नहीं की। अब इन सारे आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। 

जनजातीय क्षेत्र लाहौल स्पीति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने की शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच की।

इस जांच में शिक्षा विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में फ र्जी एडमिशन से छात्रवृत्ति राशि के नाम पर घोटाले होने की बात सामने आई। कथित घोटाले की राशि 250 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। 

क्या कहता है पुलिस प्रशासन 
एएसपी सिटी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि मामले की हर पहलू पर जांच की जा रही है। इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं। 
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