देशभर में नेस्ले कंपनी के मैगी नूडल्स को लेकर उपजे विवाद के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रदेश के एकमात्र प्लांट में पहली बार दबिश दी। टीम को देख कंपनी कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। विभागीय कर्मचारियों ने मैगी प्रोडक्ट के तीन अलग-अलग बैच के सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजने की तैयारी है। इससे पूर्व मैगी के जितने भी सैंपल लिए वे बाजार में दुकानों से लिए गए थे।
वीरवार देर शाम प्रदेश सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय विशेष टीम टाहलीवाल स्थित नेस्ले उद्योग में पहुंची। सूत्रों के मुताबिक टीम में डॉ. उदित कुमार, विशेष अधिकारी एलडी ठाकुर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश ठाकुर मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग टीम ने मैगी प्रोडक्ट के अलग-अलग तरह के सैंपल भी लिए।
उत्पादन में 80 फीसदी तक की गिरावट
छापेमारी के दौरान प्लांट के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। करीब तीन घंटे स्वास्थ्य टीम ने प्लांट का निरीक्षण किया, वहीं कंपनी अधिकारियों से कई अहम जानकारी भी जुटाई। विवादों के बाद टाहलीवाल उद्योग में उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पिछले एक सप्ताह के भीतर प्लांट में लगभग 80 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है।
जहां रोजाना 25 से 60 हजार पेटी का उत्पादन होता था, जो घटकर 8 हजार पेटी तक सिमट गया है। सूत्र बताते हैं कि बाजारों में आई बिक्री में आई गिरावट के चलते टाहलीवाल में उत्पादन ठप हो गया है। टीम के प्रमुख डॉ उदित कुमार का कहना है कि प्लांट से सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।